रेलवे की कार्रवाई के बाद बेघर हुए कई परिवार, कड़ाके की ठंड में खुले आसमान के नीचे रहने मजबूर
प्रभावित परिवारों में महिलाएं, बुजुर्ग व दुधमुंहे बच्चे भी है शामिल, प्रशासन व समाजसेवियों से लगा रहे मद्द की गुहार

धमतरी। रेल्वे की कार्रवाई के दौरान स्टेशनपारा क्षेत्र में कई झोपडिय़ों को तोड़कर कब्जा हटाया गया। उक्त कार्रवाई के बाद कई परिवारों के आसरा छीन गया है। अब वे कड़ाके के ठंड में खुले आसमान के नीचे दिन रात काट रहे है।
धमतरी में नयी रेल लाईन का काम अंतिम चरणों की ओर है। इससे पहले उस ईलाके में बहुत से अतिक्रमण को तोड़ा गया है जहां लोग बरसों से बस्ती बसाकर रह रहे थे। पिछले करीब एक सप्ताह पहले भी रेलवे समेत अन्य अफसरों की टीम उस क्षेत्र में पहुंची और करीब 30 से अधिक छोटे बड़े मकानों को अतिक्रमण बताकर तोड़ा गया, हालांकि इस कार्रवाई के पहले भी उस ईलाके में ऐसी और भी कार्रवाई पूर्व में हो चुकी है। उस समय भी बहुत से लोग बेघर हुये थे। मतलब यह सिलसिला उस ईलाके में काफी समय से चल रहा है। जिन्हें धमतरी के नेताओं और अफसरों से व्यवस्थापन का आश्वासन भी बराबर मिलता रहा, कुछ लोगों का व्यवस्थापन भी किया गया। मगर अब भी उस ईलाके के बहुत से लोग बेघरों जैसी जिंदगी जी रहे है। सप्तह भर पहले हुई कार्रवाई के बाद भी लोग बेघर हुये जिनका कहना है कि उनका व्यवस्थापन किया जाये। जिन्हें खुले आसमान के नीचे जीवन बसर करना पड़ रहा है। जिनके पास बिजली है और न ही पानी है। समय समय पर नेता अफसर आकर उन्हें आश्वासन जरुर दे रहे। मगर उनकी पीड़ा इस कड़ाके की ठंड में भी कोई समझने वाला नहीं है। जबकी उनके साथ उनका परिवार और परिवार में छोटे बच्चे भी है।
उल्लेखनीय है कि बेघर हुए परिवारो में कई महिलाएं, बुजुर्ग व दुधमुंहे बच्चे भी है। जिनके समक्ष इस कड़ाके ठंड में खुले आसमान के नीचे रहना मुश्किल हो रहा है। इसलिए प्रशासन व समाजसेवियों को आगे आकर ऐसे परिवारों की मद्द करनी चाहिए।
