किरायेदारों की सूची थाने में जमा कराने नहीं दिखा रहे रुचि
पुलिस की अपील व कई वारदातों के बाद भी मकान मालिक नहीं बरत रहे सावधानी

धमतरी। किसी अजनबी या बाहरी तत्वों द्वारा जब कोई वारदात को अंजाम दिया जाता है। तो पुलिस को उसे पकडने में ज्यादा मशक्कत करनी पड़ती है। यदि में थानों में यदि उनका रिकार्ड पता मोबाईल नम्बर फोटो आदि उपलब्ध रहे तो पकडनेे में काफी मदद मिलती है। इसलिये पुलिस द्वारा लगातार किसी भी अजनबियों जिनकी गतिविधियां संदिग्ध हो तत्काल पुलिस में सूचना देने की अपील की जाती है। इसके अतिरिक्त मकान मालिकों को भी सावधानी बरतते हुये किरायेदारों की सम्पूर्ण जानकारी थाने से प्राप्त फार्म के अनुसार देने की अपील की जाती है। लेकिन मकान मालिक जानकारी उपलब्ध कराने रुचि नहीं दिखाते ऐसे में यह लापरवाही कई बार भारी पड़ जाती है।
मकान मालिकों पर भी हो कार्रवाई
बार-बार पुलिस की अपील के बाद भी किरायेदारों की सूची थाने में जमा नहीं कराने वालों पर पुलिस को कारर्वाई करनी चाहिए। तो शायद नियमों का पालन हो पायेगा। पूर्व में अन्य प्रदेश से आये युवको को कुम्हारपारा में एक व्यक्ति अपने मकान में किराये से रखा गया था और इसकी सूचना पुलिस को नहीं दी थी और जब किरायेदार अपराध के पश्चात पकड़े गये थे तो मकान मालिक पर भी थाने में सूचना नहीं देने के कारण कारर्वाई की गयी थी।
मुसाफिर की तरह हो चेकिंग
पुलिस एतिहात के तौर शहर के होटल लॉज ढाबों की चेकिंग समय-समय पर करती है। इस दौरान कई संदेही भी पुलिस के हाथ लगते है। पुलिस की ऐसी कार्रवाई से कानून व्यवस्था बेहतर बनी रही है। और होटल व्यवसायी नियमों का पालन कड़ाई से करते है। यदि इसी प्रकार पुलिस किरायेदारों की सूची दुरुस्त करने चेकिंग अभियान सम्पूर्ण डाटा के साथ करे तो लापरवाही मकान मालिक भी कार्रवाई के डर से थाने में नियमित किरायेदारों की जानकारियां उपलब्ध करायेंगे।
