पार्टी की मजबूती के लिए हर परिस्थितियों में कांग्रेस के साथ रहे राष्ट्रीय समन्वयक लेखराम साहू
दशकों से कर रहे पार्टी के सेवा, दी गई जिम्मेदारियों पर उतरे शत् प्रतिशत खरा
निजी पद लालसा के चलते पार्टी से भीतरघात व बगावत करने वाले नेताओं को लेनी चाहिए सीख

धमतरी। कांग्रेस को जिले में मजबूती बनाए रखने में अनेक कांग्रेस कार्यकर्ताओं व नेताओं का योगदान रहा है। कई ऐसे कांग्रेस के नेता रहे है जो दशको से निस्वार्थ भाव से पार्टी की सेवा करते रहे है। जिसके चलते पार्टी ने भी उनके सेवा समर्पण भाव की कद्र करते हुए उन्हें सरपंच से लेकर विधायक व राष्ट्रीय समन्वयक तक बनाया अब तक मिले सभी जिम्मेदारियों पर श्री साहू शत् प्रतिशत् खरा उतरते रहे है।
उल्लेखनीय है कि है लेखराम साहू कई दशकों से कांग्रेस पार्टी से जुड़े हुए है। इस दौरान कई पदो रहे 1995 से 2000 तक ग्राम पंचायत सिलौटी के सरपंच रहे है। 2000 से 2005 तक कुरुद मंडी डायरेक्टर, 2008 से 2013 तक कुरुद विधायक, 2018 में राज्य सभा सेवा आयोग सदस्य के लिए पार्टी ने टिकट दिया। साहू समाज में भी वे काफी सक्रिय है। समाज के विभिन्न पदों पर रहे है। वे कांग्रेस जिलाध्यक्ष व महामंत्री भी रहे। इस दौरान भी उनका कार्यकाल सफल रहा। सभी को साथ लेकर चलने, मिलनसार व्यक्तित्व के धनी, श्री साहू ने पार्टी को एकजुट किया। राजनीति के लंबे सफर के दौरान अक्सर ऐसे अवसर भी आते है जब नेता पार्टी से चुनावी टिकट या किसी पद की उम्मीद रखता है। लेकिन हर बार उम्मीद पूरी हो यह संभव नहीं होता । ऐसे परिस्थिति कुछ नेता या तो भीतरघात करते है या फिर खुलेआम पार्टी से बगावत करते है। और पार्टी द्वारा दिये गये मान सम्मान व पहचान के विरुद्ध कार्य करते है। ऐसे नेताओं को कांग्रेस के ओबीसी विभाग के राष्ट्रीय समन्वयक व पूर्व विधायक लेखराम साहू से सीख लेनी चाहिए। श्री साहू कांग्रेस के कद्दावर नेता है। 2008 में भाजपा का गढ़ माने जाने वाले कुरुद विधानसभा में जीत दर्ज किया। इसके बाद भी 2013 के चुनाव में टिकट नहीं मिला, फिर भी वे पार्टी के आदेश को स्वीकार करते हुए तत्कालीन कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में बिना किसी बैर या नाराजगी के पार्टी हित में कार्य करते रहे। बता दे कि कुरुद में कांग्रेस को मजबूत बनाए रखने में लेखराम साहू की भी अहम भूमिका रही है। 1993 के चुनाव में कांग्रेस के गुरुमुख सिंह होरा ने कुरुद विधानसभा मे जीत दर्ज किया था, इसके पश्चात 2008 में लेखराम साहू कुरुद विधानसभा जीता। इसके पश्चात आज तक कुरुद विधानसभा में कांग्रेस जीत नहीं पाई है।
