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जल–जंगल–जमीन का संरक्षण हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए अनिवार्य है-अरुण सार्वा

ग्राम सांकरा में शहीद वीर नारायण सिंह शहादत दिवस पर श्रद्धांजलि सभा सम्पन्न

ग्राम सांकरा। छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और आदिवासी समाज के गौरव शहीद वीर नारायण सिंह की 167वीं पुण्यतिथि के अवसर पर ग्राम सांकरा में श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन गरिमामय वातावरण में किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा थे, जबकि अध्यक्षता सर्व आदिवासी समाज जोन सांकरा के अध्यक्ष विशाल राम ध्रुव ने की।विशिष्ट अतिथि के रूप में सर्व आदिवासी समाज तहसील नगरी के अध्यक्ष उमेश देव, नगरी पंचायत अध्यक्ष महेश गोटा तथा विशेष अतिथि के रूप में ग्राम सांकरा के सरपंच नागेन्द्र बोरझा उपस्थित रहे। इसके साथ ही जनपद पंचायत सदस्य प्रेमलता नागवंशी, शशि ध्रुव, राजेश नाथ गोसाई, ग्रामसभा अध्यक्ष सत्ती मरकाम, संरक्षक प्रयाग चंद बिसेन, एम.आर. चनाप सहित विभिन्न समाजों के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन कार्यक्रम में शामिल हुए।ध्रुव गोड़ समाज उप सांकरा के अध्यक्ष चिंतामणि मरकाम, हल्बा समाज 32 गढ़ के अध्यक्ष जीवन लाल नाग, उप सांकरा हल्बा समाज के टेमन कश्यप, गोंडवाना समाज उप छिंदीटोला के उमेश मरकाम, कमार समाज सिहावा क्षेत्र के गणपत नेताम, गो.स. महामायी फरसियां, आ.जा.से. सहकारी संघ सांकरा के अध्यक्ष गिरवर भंडारी तथा पूर्व जनपद सदस्य सुलोचना साहू भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।मुख्य अतिथि अरुण सार्वा ने अपने संबोधन में कहा, जंगल जहाँ है, वहीं आदिवासी समाज का अस्तित्व है। जल–जंगल–जमीन का संरक्षण हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए अनिवार्य है। शहीद वीर नारायण सिंह ने गरीबों के हित में साहसपूर्ण निर्णय लिए, उनकी यही सहयोग और संघर्ष की भावना समाज में सदैव बनी रहनी चाहिए।अतिथियों एवं जनप्रतिनिधियों ने शहीद वीर नारायण सिंह के चित्र पर माल्यार्पण कर दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम भावनाओं से ओत-प्रोत वातावरण में सम्पन्न हुआ।इस दौरान सर्व आदिवासियों द्वारा शहीद वीर नारायण सिंह चौक के सौन्दर्यीकरण की मांग रखी गई, जिस पर जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा ने जल्द ही कार्य पूरा कराने का आश्वासन दिया।

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