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सहकारिता भारतीय अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण अंग है-डॉ दीक्षित

धमतरी-अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के समापन माह दिसंबर 2025 में जिला सहकारी संघ धमतरी द्वारा कोऑपरेटिव बैंक शाखा संबलपुर क्षेत्र के अंतर्गत पैक्स देमार के धान खरीदी परिसर में एकदिवसीय कार्यशाला के द्वितीय दिवस का आयोजन 12 दिसंबर को संपन्न हुआ। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से पैक्स देमार के प्राधिकृत अधिकारी कालीदास सिन्हा, पूर्व अध्यक्ष संत कुमार साहू, कृषि विस्तार अधिकारी संतोष नेताम, प्रवक्ता डॉ ए एन दीक्षित, पैक्स देमार प्रबंधक संतोष पटेल, संघ प्रबंधक ए पी गुप्ता की गरिमामयी  उपस्थिति में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मंचस्थ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन व भारत माता के चित्र पर पूजन अर्चन कर अतिथियों के स्वागत उपरांत हुआ। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रवक्ता डॉ दीक्षित ने कहा कि सहकारिता भारतीय अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण अंग है। देश में 8.55 लाख से अधिक सहकारी समितियो में 30 करोड़ सदस्य सहकारिता के माध्यम से अपने जीवन में सुधार कर रहे हैं। अमूल, इफको, लिज्जत जैसी अनेक सहकारी समितियो ने अपने सदस्यों को उत्पादक रोजगार प्रदान करने के साथ ही अर्थव्यवस्था के विकास में महत्वपूर्ण योगदान कर रही है। यह सहकारी समितियो का ही प्रभाव है कि आज भारत विश्व में सर्वाधिक दूध उत्पादन करने वाला देश बन गया है। सहकारी समितियो में कार्यरत कर्मचारी देश के कुल रोजगार प्राप्त श्रमिकों का 13 प्रतिशत भाग है।  राज्य स्थापना के 25 वर्षों में हमारे छत्तीसगढ़ ने लगभग सभी क्षेत्रों में विकास के कीर्तिमान स्थापित किए हैं। विद्युत उत्पादन, यातायात, संचार, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि व सिंचाई में राज्य की प्रगति उल्लेखनीय रही है। राज्य के इस विकास यात्रा में सहकारी समितिया भी पीछे नहीं रही है। कृषकों की स्थिति में सुधार हेतु समितियो द्वारा उन्हें ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध करवाना तथा समर्थन मूल्य पर किसानों का उत्पादन समिति में ही खरीद कर समितियो ने अपनी क्षमता का परिचय दिया है। सरकार ने भी सहकारिता के विकास के लिए निरंतर कार्य किया है, जिसके कारण धमतरी जिले में ही सहकारी समितियो की संख्या 1998 में 271 से बढ़कर 2025 में 390 हो गई है। कृषि साख समितियां 53 से बढ़कर 96, मत्स्य समितियां 140 से बढ़कर 157, दुग्ध समितियां 38 से बढ़कर 60, वनोपज समितियां 28 से बढ़कर 34 और बुनकर समितियां 02 से बढ़कर 15 तक पहुंच गई है। जिले में दुग्ध उत्पादन 5000 लीटर प्रति दिन से बढ़कर 10500 लीटर प्रतिदिन हो गया है।  कार्यक्रम में पूर्व अध्यक्ष पैक्स देमार संत कुमार साहू ने कहा कि ग्रामीण जीवन में कृषकों की अधिकांश आवश्यकताए सहकारिता के माध्यम से ही पूरी हो रही है। सहकारिता से अज्ञानता इसकी पिछड़ेपन के प्रमुख कारण है, जानकारी हेतु प्रशिक्षण आवश्यक है। संस्कार की शिक्षा समाज की उन्नति के लिए आवश्यक है। कृषि विस्तार अधिकारी संतोष नेताम ने अपने उद्बोधन में कहा कि सहकारिता की नीति एवं शासन की योजनाएं हर किसान तक पहुंचनी चाहिए। कोई भी कृषक इन लाभकारी योजनाओं से वंचित न हो। ग्राम पंचायत में आकर विस्तृत जानकारी कृषक बंधु प्राप्त कर सकते हैं। इस अवसर पर बड़ी संख्या में क्षेत्र के कृषक सहित सहकारी समितियो से जुड़े सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन संघ प्रबंधक ए पी गुप्ता एवं आभार प्रदर्शन पैक्स देमार के प्रबंधक संतोष पटेल ने किया।
Ashish Kumar Jain

Editor In Chief Sankalp Bharat News

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