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घड़ी चौक की बंद घड़ी फिर चली, महापौर का प्रयास लाया रंग

कलेक्टर ने पहल को सराहा, कहा शहर की पहचान और धरोहरों का संरक्षण जरूरी

धमतरी-शहर के हृदय स्थल घड़ी चौक में स्थापित ऐतिहासिक घड़ी, जो विगत दो वर्षों से बंद पड़ी थी, अब पुनः चालू हो गई है। शहर की पहचान मानी जाने वाली इस घड़ी के बंद रहने को लेकर आम नागरिकों द्वारा लगातार सवाल उठाए जा रहे थे।
घड़ी को पुनः चालू कराने के लिए महापौर रामू रोहरा द्वारा लगातार प्रयास किए गए। विभिन्न स्थानों पर संपर्क के बावजूद लंबे समय तक अनुभवी घड़ी मैकेनिक उपलब्ध नहीं हो सका। इस दौरान महापौर द्वारा सार्वजनिक रूप से यह घोषणा की गई थी कि जो व्यक्ति घड़ी सुधारने के लिए उपयुक्त मैकेनिक ढूंढ कर लाएगा, उसे पुरस्कृत किया जाएगा।
महापौर की इस घोषणा के पश्चात समाजसेवी गोपाल साहू द्वारा पहल करते हुए छुहीखदान क्षेत्र से अनुभवी घड़ी मैकेनिक को खोजा गया। मैकेनिक द्वारा तकनीकी सुधार कार्य किए जाने के बाद दो वर्षों से बंद पड़ी घड़ी चौक की ऐतिहासिक घड़ी पुनः चालू हो गई।घड़ी के पुनः चालू होने से शहरवासियों में हर्ष का वातावरण है। नागरिकों ने इसे शहर की पहचान से जुड़ा विषय बताते हुए महापौर रामू रोहरा के प्रयासों की सराहना की है। साथ ही समाजसेवी गोपाल साहू की सक्रियता और सहयोग की भी व्यापक प्रशंसा की जा रही है।इस संबंध में कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि घड़ी चौक की ऐतिहासिक घड़ी धमतरी की पहचान का प्रतीक है। ऐसे सार्वजनिक और ऐतिहासिक स्थलों का संरक्षण एवं संवर्धन सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस पहल के लिए महापौर सहित सहयोग करने वाले सभी नागरिक बधाई के पात्र हैं।
वहीं महापौर रामू रोहरा ने कहा कि घड़ी चौक की घड़ी केवल समय बताने का माध्यम नहीं, बल्कि धमतरी की पहचान है। इसे पुनः चालू करना हमारी जिम्मेदारी थी। इस कार्य में सहयोग करने वाले सभी नागरिकों का मैं आभार व्यक्त करता हूँ।

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