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अखबारी कागज में खाद्य पदार्थों की पैकिंग स्वास्थ्य के लिए घातक

खाद्य एवं औषधि प्रशासन की आमजन व खाद्य कारोबारियों से अपील


धमतरी। न्यूनतम लागत के कारण खाद्य पदार्थों के लाने-ले जाने एवं पैकिंग के लिए प्राय: छपाई में उपयोग किए जाने वाले अखबारी कागज अथवा प्रिंटेड पेपर का इस्तेमाल किया जाता है। पर्यावरणीय परिस्थितियों से भोजन को सुरक्षित रखने के लिए उचित खाद्य पैकेजिंग आवश्यक है, किंतु अखबारी कागज,प्रिंटेड पेपर के उपयोग से उसमें प्रयुक्त स्याही भोजन में स्थानांतरित हो जाती है। इससे भोजन की गुणवत्ता एवं सुरक्षा प्रभावित होती है, जो मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है। अखबार अथवा प्रिंटेड पेपर की छपाई में प्रयुक्त स्याही में डाई आइसोब्यूटाइल फ्थेलेट, डाइ-एन-आइसोब्यूटाइलेट सहित अनेक हानिकारक रसायन एवं रंजक होते हैं। ये पदार्थ तेल के साथ मिलकर भोजन के माध्यम से शरीर में प्रवेश कर जाते हैं, जिससे पाचन संबंधी विकार, विषाक्तता (टॉक्सिसिटी), विभिन्न प्रकार के कैंसर, महत्वपूर्ण अंगों की विफलता तथा प्रतिरक्षा तंत्र के कमजोर होने जैसी गंभीर बीमारियों की संभावना बढ़ जाती है। उक्त तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन, छत्तीसगढ़ जिला-धमतरी द्वारा सामान्यजन एवं समस्त खाद्य कारोबारकर्ताओं से अपील की जाती है कि खाने-पीने की वस्तुओं के लेन-देन एवं पैकिंग में छपाई के लिए उपयोग किए जाने वाले अखबारी कागज,प्रिंटेड पेपर का उपयोग न करें। बार-बार समझाइश के बावजूद यदि कोई खाद्य कारोबारकर्ता नियमों का पालन नहीं करता है, तो इसकी सूचना फनेश्वर पिथौरा, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, जिला धमतरी (मोबाइल नंबर: 87706 01262) को प्रदान करें।

Ashish Kumar Jain

Editor In Chief Sankalp Bharat News

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