ई-रिक्शा चालको पर अतिरिक्त किराया वसूलने व कार्यवाही में भेदभाव के आरोप : ऑटो चालक एक दिवसीय हड़ताल पर
अध्यक्ष साहिल अहमद के नेतृत्व में आटो आनर्स एसोशियेशन धमतरी द्वारा 7 सूत्रीय मांगो को लेकर सौंपा जा रहा ज्ञापन


धमतरी। ऑटो ऑनर्स एसोसिएशन धमतरी द्वारा आज अपनी 7 सूत्रीय मांगो को लेकर ज्ञापन सांैपा जा रहा है। इसके पूर्व आटो युनियन के सदस्य आटो लेकर नया बस स्टैंड पहुंचे। जहां से रैली के शक्ल में कलेक्टे्रट के लिए रवाना हो रहे। आज एक दिवसीय हड़ताल के चलते आटो चालकों द्वारा स्कूली बच्चों को भी नहीं ले जाया गया साथ ही यात्रियों को भी कुछ हद तक परेशानियों का सामना करना पड़ा।
ऑटो ऑनर्स एसोसिएशन धमतरी के अध्यक्ष साहिल अहमद ने बताया कि ई रिक्शा द्वारा अतिरिक्त किराया वसूला जा रहा है। अभी अग्निवीर भर्ती में आ रहे युवाओं से भी ज्यादा किराया लिया जा रहा है। 90 प्रतिशत ई रिक्शा का इश्योरेंश, लाइसेंस फिटनेस नहीं है शिकायत करने के बाद भी कोई कार्यवाही की जाती है। धमतरी में ऑटो चालको के उपर हजारो से लाखो रुपये तक ई चालान के रुप में किया जा रहा है। जबकि ई रिक्शा वालों के पास गाडियों का कागज नहीं है उनका चालान क्यों नहो हो रहा है ऐसा प्रतीत होता है कि जिला परिवहन विभाग द्वारा इन लोगों को संरक्षण दिया जा रहा है। धमतरी जिला में फिटनेस बनाने का काम रोक दिया गया है जिसके कारण हम ऑटो वालो को धमतरी से रायपुर एवं दुर्ग सिटी तक 70-80 किमी दूर जाना पड़ रहा है और रायपुर और दुर्ग जाने पर यातायात द्वारा चालानी कार्यवाही की जाती है जिस कारण हम लोगों को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बस स्टैंड में आय दिन हो रहे नशाखोरी, अपराध में किसी प्रकार का लगाम नही है, बस स्टैण्ड में ई रिक्शा द्वारा गलत साईड से एंट्री की जाती है अत: बस स्टैंड में पुलिस चौकी खोला जाये। बस स्टैण्ड के पीछे राईस मिलों द्वारा राखड उडऩे से बस स्टैंड में सभी लोगों को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ई रिक्शा द्वारा स्कूली बच्चे ढोया जाता है जो कि नियम के अनुसार गलत है क्योंकि ई रिक्शा वालो का लाइसेंस, फिटनेस, परमिट ही नहीं है तो फिर किस आधार पर ई रिक्शा द्वारा स्कूली बच्चे ढोया जाता है। धमतरी के सभी शो रूम संचालकों द्वारा ई रिक्शा लेने वालो को बिना लाइसेंस के गाडिय़ा दिया जाता है। इसी कारण से धमतरी में ई रिक्शा वालों की संख्या बहुत बढ़ गयी है जिस कारण बहुत से लोगों को बहुत परेशनियो का सामना करना पड़ रहा है। उक्त मांगो पर कार्यवाही की मांग आटो चालको द्वारा की गई है।