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वेतन वृद्धि सहित विभिन्न 10 सूत्रीय मांगो को लेकर छत्तीसगढ़ मध्यान्ह भोजन मजदूर एकता यूनियन (सीटू) द्वारा तहसीलदार को सौंपा गया ज्ञापन

वेतन वृद्धि सहित विभिन्न 10 सूत्रीय मांगो को लेकर छत्तीसगढ़ मध्यान्ह भोजन मजदूर एकता यूनियन (सीटू) द्वारा तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया.बता दे यूनियन 27 से 31 जनवरी तक पांच दिवसीय हड़ताल पर है.यूनियन की मांग है कि अन्तराष्ट्रीय श्रम संगठन के सुझाव अनुसार मध्यान्ह भोजन कर्मियों को श्रमिक का दर्जा दिया जाये । श्रम संहिताओं को तुरन्त वापस लिया जाये,नियमितीकरण लंबित रहने तक न्यूनतम वेतन 26000 रू प्रतिमाह दिया जाये, छत्तीसगढ़ के बिलासपुर उच्चन्यायालय द्वारा दिये गये फरवरी 2025 के निर्णयानुसार श्रमिक दर (कलेक्टर दर) दिया जाये, छत्तीसगढ़ सहित समस्त राज्यों में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश अनुसार मध्यान्ह भोजन के रसोईया सहायिका एवं सहायक को गर्मियों की छुट्टिया सहित 12 महीने का न्यूनतम वेतन दिया जाये। कोई ठेकाकरण या केन्द्रीय रसोई घर नहीं हो,उड़ीसा सरकार की तरह छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा मध्यान्ह भोजन से सेवानिवृत्त कर्मियों को 2 लाख रू की राशि दिया जाना चाहिए, आगामी केन्द्रीय बजट 1 फरवरी 2026 में मध्यान्ह भोजन मजदूरो को श्रमिक दर्जा मान कर श्रमिक दर लागू किया जाये,प्रत्येक मध्यान्ह भोजन कर्मियों को एक वर्ष में 2 जोड़ी वर्दी दिया जाये,25 छात्र-छात्राओं पर एक रसोइया रखने की नीति रद्द किया जाये,मध्यान्ह भोजन कर्मियों को स्कूल में कार्यरत समय दुर्घटना में घायल होने पर 50 हजार एवं मृत्यु होने की दशा में उसके परिवार को 5 लाख राशि दी जाये. ज्ञापन सौपने क़े दौरान ललिता साहू महासचिव, अनुसुईया कंडरा कोषाध्यक्ष,समीर कुरैशी राज्य अध्यक्ष आदि उपस्थित रहे.

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