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धान खरीदी में धमतरी की ऐतिहासिक छलांग

खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में प्रदेश में प्रथम स्थान सुव्यवस्थित योजना, पारदर्शी व्यवस्था और समयबद्ध भुगतान से बना नया कीर्तिमान

धमतरी, 31 जनवरी 2026/खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन में धमतरी जिले ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। यह सफलता जिले में किसानों के हित में कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा के मार्गदर्शन में तैयार की गई सुनियोजित, पारदर्शी एवं किसान-अनुकूल धान खरीदी व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन का प्रत्यक्ष परिणाम है।
धान खरीदी के दौरान किसानों की सुविधा, पारदर्शिता, समयबद्ध भुगतान तथा अवैध गतिविधियों पर सख्त नियंत्रण सुनिश्चित करने हेतु जिला प्रशासन द्वारा व्यापक और सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं की गईं, जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।

किसानों का व्यापक पंजीयन, राज्य में सर्वाधिक खरीदी
जिले में 74 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों/आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों के अंतर्गत संचालित 100 धान उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से कुल 1,29,593 कृषकों का पंजीयन किया गया। पंजीकृत किसानों का कुल रकबा 1,27,113.83 हेक्टेयर रहा, जिसमें
• 73,987 सीमांत कृषक,
• 53,154 लघु कृषक, तथा
• 2,452 दीर्घ कृषक शामिल हैं।

कुल पंजीकृत किसानों में से 95.74 प्रतिशत किसानों से धान खरीदी पूर्ण की जा चुकी है, जो राज्य में सर्वाधिक है। इसी उत्कृष्ट प्रदर्शन के चलते धमतरी जिला प्रदेश में किसानों से सर्वाधिक धान खरीदी करने वाला जिला बना।

रिकॉर्ड खरीदी, समयबद्ध भुगतान

15 नवम्बर 2025 से 30 जनवरी 2026 तक जिले में
• 1,24,073 किसानों से
• 5,91,094.40 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई।

खरीदी गई धान की कुल राशि 1,401.56 करोड़ रुपये है, जिसमें से
• 1,17,044 किसानों को
• 1,324.52 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।

शेष किसानों को भी शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने की प्रक्रिया निरंतर जारी है।

खरीदी व्यवस्था पर सतत निगरानी

धान उपार्जन प्रक्रिया को सुचारु एवं पारदर्शी बनाए रखने हेतु जिले के सभी 100 उपार्जन केन्द्रों के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया। इनके द्वारा प्रति सप्ताह नियमित समीक्षा की गई।

साथ ही कोचियों/बिचौलियों द्वारा अवैध भण्डारण एवं परिवहन पर रोक लगाने के लिए राजस्व, कृषि, खाद्य, सहकारिता एवं कृषि उपज मंडी विभाग के अधिकारियों की संयुक्त उड़नदस्ता टीमें गठित की गईं।

अंतरराज्यीय अवैध धान परिवहन रोकने हेतु उड़ीसा सीमा से लगे बोराई (घुटकेल), बांसपानी, बनरौद एवं सांकरा में चेक पोस्ट स्थापित कर 24 घंटे सतत निगरानी की व्यवस्था की गई।

मिलिंग एवं भण्डारण में भी उल्लेखनीय प्रगति

खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में उपार्जित धान की मिलिंग के लिए जिले में 204 राइस मिलों का पंजीयन किया गया है।
• कस्टम मिलिंग हेतु 2,17,782.20 मीट्रिक टन धान उठाव के लिए डी.ओ. जारी किया गया,
• जिसके विरुद्ध 162 मिलरों द्वारा 1,86,755.20 मीट्रिक टन धान का उठाव किया जा चुका है।

इसके अतिरिक्त संग्रहण केन्द्रों में भण्डारण हेतु 1,41,280.00 मीट्रिक टन का टी.ओ. जारी किया गया, जिसमें से 76,574.12 मीट्रिक टन धान का भण्डारण पूर्ण किया जा चुका है।

Ashish Kumar Jain

Editor In Chief Sankalp Bharat News

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