गंगरेल जलाशय में तेजी से बढ़ रहा जलस्तर, 94,500 क्यूसेक पानी की हो रही आवक, जल स्तर में एक घंटे में 11 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी
छोड़ा जा सकता हैँ 20 हजार क्यूसेक पानी,प्रशासन ने डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में सतर्कता बरतने के दिए निर्देश

धमतरी। लगातार हो रही बारिश के कारण गंगरेल जलाशय (रविशंकर सागर परियोजना) में जल आवक लगातार बढ़ रही है। गुरुवार 30 जुलाई 2026 को रात्रि 8 बजे जारी आंकड़ों के अनुसार जलाशय में वर्तमान जल भंडारण क्षमता 485.23 एमसीएम दर्ज की गई है, जबकि जल स्तर 345.39 मीटर पहुंच गया है। यह जलाशय की पूर्ण जलभराव क्षमता (एफआरएल) 348.70 मीटर का 63.26 प्रतिशत है।
जल संसाधन विभाग के अनुसार वर्तमान में गंगरेल जलाशय में 94,500 क्यूसेक की तेज जल आवक हो रही है, जबकि जलाशय से मात्र 50 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। पिछले एक घंटे में ही जल स्तर में 11 सेंटीमीटर की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे जलाशय में पानी तेजी से बढ़ रहा है।
मुख्य अभियंता (सीई) के निर्देशानुसार, वर्तमान जल आवक, बांध की सुरक्षा तथा डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में संभावित बाढ़ की स्थिति को ध्यान में रखते हुए गंगरेल जलाशय से नरराज बैराज की ओर 20,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा सकता हैँ.अधिकारियों का कहना है कि पानी नियंत्रित ढंग से छोड़ा जाएगा ताकि जलाशय का जल स्तर सुरक्षित सीमा में बना रहे।
जल संसाधन विभाग ने स्पष्ट किया है कि पानी छोड़े जाने से पहले जिला प्रशासन, संबंधित विभागों तथा डाउनस्ट्रीम क्षेत्र के अधिकारियों को आवश्यक सूचना दी जाएगी। साथ ही प्रभावित गांवों और नदी किनारे बसे लोगों को भी सतर्क किया जाएगा, ताकि किसी प्रकार की जनहानि या अप्रिय घटना से बचा जा सके।
प्रशासन ने महानदी एवं उससे जुड़े निचले क्षेत्रों के लोगों से अपील की है कि पानी छोड़े जाने के दौरान नदी के किनारे जाने, मछली पकड़ने, स्नान करने अथवा अन्य गतिविधियों से बचें तथा प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। आवश्यकता पड़ने पर स्थानीय प्रशासन और पुलिस द्वारा सुरक्षा के व्यापक इंतजाम भी किए जाएंगे।

