मंत्री टंकराम वर्मा ने माइक्रो फूड प्रोसेसिंग इन्क्यूबेशन सेंटर का किया लोकार्पण, बोले वैज्ञानिक प्रसंस्करण से बढ़ेगी किसानों की आय
कृषि विज्ञान केन्द्र बनेगा खाद्य प्रसंस्करण और ग्रामीण उद्यमिता का नया हब

धमतरी – कृषि एवं उद्यानिकी उत्पादों के प्रसंस्करण को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण युवाओं, महिला स्व-सहायता समूहों तथा एफपीओ को रोजगार-स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में धमतरी को बड़ी सौगात मिली है। कृषि विज्ञान केन्द्र, धमतरी में स्थापित माइक्रो फूड प्रोसेसिंग इन्क्यूबेशन सेंटर का लोकार्पण छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, पुनर्वास तथा उच्च शिक्षा एवं प्रभारी मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने किया। इस अवसर पर माइक्रो फूड प्रोसेसिंग विषय पर आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का भी समापन हुआ।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि कृषि और उद्यानिकी उत्पादों का वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना जैसे प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर तैयार हो रहे हैं। कृषि विज्ञान केन्द्रों की भूमिका केवल किसानों तक आधुनिक कृषि तकनीक पहुंचाने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उन्हें ग्रामीण उद्यमिता विकास के सशक्त केन्द्र के रूप में भी विकसित किया जाना चाहिए।
मंत्री श्री वर्मा ने इन्क्यूबेशन सेंटर में उपलब्ध खाद्य प्रसंस्करण मशीनों और प्रशिक्षण सुविधाओं का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि यह केन्द्र किसानों, महिला स्व-सहायता समूहों, एफपीओ और ग्रामीण युवाओं को मूल्य संवर्धन, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और खाद्य प्रसंस्करण की आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से भी संवाद कर उनके अनुभव और गतिविधियों की जानकारी ली।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने इन्क्यूबेशन सेंटर को जिले के किसानों और युवाओं के लिए महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि इससे स्थानीय कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा मिलेगा तथा ग्रामीण क्षेत्र में उद्यमिता के नए अवसर विकसित होंगे।
तीन दिवसीय प्रशिक्षण में किसानों, महिला स्व-सहायता समूहों, एफपीओ सदस्यों और ग्रामीण युवाओं को खाद्य प्रसंस्करण के साथ गुणवत्ता नियंत्रण, स्वच्छता, पैकेजिंग, लेबलिंग, एफएसएसएआई मानकों और विपणन के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में धमतरी महापौर श्री रामू रोहरा, पूर्व विधायक श्रीमती रंजना दीपेंद्र साहू, पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना पांडेय, जनप्रतिनिधी प्रकाश बैस, जनपद पंचायत सभापति श्रीमती मोनिका देवांगन, जिला पंचायत सीईओ जयंत नाहटा, एसडीएम पियूष तिवारी, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के निदेशक विस्तार सेवाएं डॉ. एस.एस. टुटेजा, कृषि महाविद्यालय धमतरी की अधिष्ठाता डॉ. नवनीत राणा, खाद्य प्रसंस्करण विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. वी.एम. विक्टर, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक लोकपाल खांडेकर सहित कृषि वैज्ञानिक, अधिकारी, किसान, महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्याएं और ग्रामीण युवा उपस्थित रहे।