आगामी जाति जनगणना में ओबीसी हेतु पृथक कॉलम जोड़े जाने एवं उच्च शिक्षा में सामाजिक न्याय हेतु यूजीसी को लागू करने की मांग को लेकर सौंपा गया ज्ञापन
ओबीसी संयोजन समिति छग द्वारा सौंपा गया कलेक्टर क़े नाम ज्ञापन

ओबीसी संयोजन समिति छग द्वारा कलेक्टर क़े नाम ज्ञापन सौंपा गया आगामी जाति जनगणना में अब तक अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए पृथक कॉलम का अभाव रहा है, जिसके कारण देश की बड़ी आबादी के सामाजिक, शैक्षणिक एवं आर्थिक आंकडे वास्तविक रूप में उपलब्ध नहीं हो पाए हैं।ओबीसी वर्ग देश की लगभग 50 प्रतिशत से अधिक जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करता है, किंतु सटीक आंकड़ों के अभाव में नीति-निर्माण, आरक्षण एवं कल्याणकारी योजनाओं का न्यायोचित क्रियान्वयन बाधित हो रहा है। संविधान के अनुच्छेद 15(4), 16(4), 338-8 एवं 340 की भावना के अनुरूप सामाजिक न्याय की स्थापना हेतु जाति जनगणना में ओबीसी हेतु पृथक कॉलम अत्यावश्यक है। जाति जनगणना से प्राप्त प्रामाणिक आंकडे इन नीतियों को और अधिक प्रभावी बनाएँगे।साथ ही, उच्च शिक्षा में समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में यूजीसी द्वारा उठाए जा रहे सामाजिक न्यायोन्मुख सकारात्मक कदम संविधानसम्मत एवं सराहनीय हैं, जिसका हम पुरजोर समर्थन करते हुए तत्काल प्रभाव से यूजीसी को लागू कर 9 वीं अनुसूची में शामिल करने की मांग करते है।अतः ओबीसी संयोजन समिति, छत्तीसगढ़ की ओर से मांग है आगामी जाति जनगणना में ओबीसी हेतु पृथक कॉलम जोड़कर ओबीसी के सामाजिक-शैक्षणिक-आर्थिक आंकड़े सार्वजनिक किए जाएँ तथा प्राप्त आंकड़ों के आधार पर नीतियाँ, आरक्षण एवं कल्याणकारी योजनाएं बनाई जाएँ।उच्च शिक्षा में सामाजिक न्याय हेतु यूजीसी के प्रयासों को निरंतर समर्थन दिया जाए। हमें विश्वास है कि माननीय सरकार सामाजिक न्याय की दिशा में यह आवश्यक निर्णय लेगी।