Uncategorized

घटा ग्रीष्मकालीन धान का रकबा 30000 से घटकर हुआ 24200 हेक्टेयर, दलहनी, तिलहनी फसलों का बढ़ा रकबा

जिले में फसल चक्र परिवर्तन अभियान की की उप संचालक क़ृषि मोनेश साहू ने दी जानकारी

जिला धमतरी में फसल चक्र परिवर्तन अभियान की प्रमुख गतिविधियों की जानकारी उप संचालक क़ृषि मोनेश साहू ने दी है.
उन्होंने बताया कि जिले में गत वर्ष 2024-25 में तिलहन का रकबा 2670 हे. में आच्छादित था जिसे वर्तमान वर्ष रबी 2025-26 में रकबा 5638 हे. क्षेत्र में कर ली गई है जो कि दोगुनी है।तिलहनी फसलो में प्रमुख सरसो फसल का क्षेत्राच्छादन 2590 हे. अंकित की गई थी तथा वर्तमान वर्ष में रकबा 5205 हे. की गई हैं जो कि गतवर्ष से दोगुना हैं। गत वर्ष मात्र 10 एकड़ में मूंगफली की खेती की गई थी। जिले में इस वर्ष फसल चक्र परिवर्तन अंतर्गत पहली बार विकासखंड मगरलोड के बुढ़ेनी तथा चन्द्रसूर क्लस्टर में 283 एकड़ में मूंगफली की खेती की जा रही है।गत वर्ष दलहनी फसलों का रकबा 21850 हेक्टे. था तथा वर्तमान वर्ष में यह रकबा बढ़कर 31234 हेक्टेयर हो गई है। चना की बुआई अंतिम चरणों में है वही जायद के रूप में उड़द एवं मूंग फसलों का रकबा 3000 हेक्टेयर में खेती प्रस्तावित है। इस प्रकार दलहनी फसलों का कुल रकबा 33561 हेक्टेयर प्रस्तावित है। जो कि गत वर्ष की तुलना में 54 प्रतिशत अधिक है। गत रबी वर्ष 2024-25 में चने का रकबा 15830 हेक्टेयर में बोया गया था जिसे बढ़ाकर 18204 हेक्टेयर रकबे में आच्छादित किया गया है। गत वर्ष जिले में 430 हेक्टे. में मक्का की खेती की गई थी जिसे बढ़ाकर इस वर्ष 910 हेक्टेयर रकबे में मक्का फसल आच्छादित है एवं मक्का बुआई कार्य प्रगतिरत है। गत वर्ष 50 एकड में मखाना की खेती की गई थी जिसे विस्तार करते हुये 200 एकड में किया जाने हेतु तालाबों का चयन किया जा चुका है एवं आवश्यक तैयारी की जा रही है। जिले में ग्रीष्मकालीन धान का रकबा वर्ष 2023-24 में 30000 हेक्टे. से घटा कर 2024-25 में 24200 हेक्टे. में आच्छादित किया गया था जिसे वर्ष 2025-26 में कम कर 16000 हेक्टे. लाने की कार्ययोजना है।

Ashish Kumar Jain

Editor In Chief Sankalp Bharat News

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!