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हल्दी के पश्चात कल रात हुई मेहंदी रस्म, भक्तों ने बूढ़ेश्वर महादेव को व स्वयं के हाथो में सजाई मेहंदी

बूढ़ेश्वर महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि महोत्सव के दौरान उमड़ रही भक्तो की श्रद्धा आज रात होगा मंगल गीत ,14 को निकलेगी शिव की बारात


धमतरी। इतवारी बाजार स्थित किले के प्राचीन एवं ऐतिहासिक बूढ़ेश्वर महादेव मंदिर में बुधवार को भगवान भोलेनाथ एवं माता पार्वती को हल्दी अर्पित करने की पारंपरिक रस्म भक्ति भाव से संपन्न हुई। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में थाल सजाकर भगवान शिव और माता पार्वती को हल्दी अर्पित करती नजर आईं। इसके पश्चात गुरुवार को मेहंदी रस्म की गई। इस दौरान भगवान बुढ़ेश्वर महादेव को विशेष रुप से मेहंदी व फूलो से सजाया गया। भक्तों ने बुढ़ेश्वर महादेव को मेहंदी लगाई। इसके पश्चात स्वयं के हाथो में शिव के नाम की मेहंदी सजाई। आयोजन के दौरान भजन-कीर्तन और शिव स्तुति का कार्यक्रम भी हुआ। मंदिर समिति के पदाधिकारी नीलेश लूनिया एवं मुकेश सुखवानी ने बताया कि महाशिवरात्रि के अवसर पर विशेष पूजा, रुद्राभिषेक, रात्रि जागरण एवं प्रसाद वितरण का आयोजन किया जाएगा। आज मंगल गीत का आयोजन होगा। उसके पश्चात कल 14 को भगवान भोलेनाथ की भव्य बारात का आयोजन भी किया जाएगा। विपिन पवार ने बताया कि बूढ़ेश्वर महादेव मंदिर का इतिहास सातवीं-आठवीं सदी से जुड़ा है। इसके ऐतिहासिक प्रमाण महंत घासीदास संग्रहालय में सुरक्षित हैं। मंदिर में विराजमान भगवान शिव का शिवलिंग स्वयंभू माना जाता है। बूढ़ेश्वर महादेव मंदिर और विंध्यवासिनी मंदिर शहर के सबसे प्राचीन धार्मिक स्थलों में गिने जाते हैं। करीब 1400 वर्षों से चली आ रही परंपरा के तहत महाशिवरात्रि मनाई जा रही है।

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