प्लास्टिक समस्या का समाधान दमन नहीं, नवाचार और रोजगार है – राजा रोहरा

धमतरी। छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं धमतरी चेंबर के वरिष्ठ पदाधिकारी राजा रोहरा ने कहा कि आज के समय में प्लास्टिक को एक विकराल समस्या के रूप में प्रस्तुत किया जाता है, जबकि वास्तविकता यह है कि प्लास्टिक स्वयं समस्या नहीं है, बल्कि उसका अव्यवस्थित प्रबंधन समस्या है। हाल ही में यह जानकारी मिल रही है कि नगर निगम द्वारा प्लास्टिक के विषय में कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। इस संदर्भ में धमतरी चेंबर ऑफ कॉमर्स की ओर से यह स्पष्ट मत रखा गया है कि प्रशासन को किसी भी कदम से पहले इस विषय को व्यापक दृष्टिकोण से समझना चाहिए। यदि केवल कार्रवाई की जाएगी तो इससे छोटे व्यापारियों और रोजग़ार से जुड़े लोगों पर अनावश्यक दबाव पड़ेगा, जबकि सही दिशा यह है कि प्लास्टिक कचरे को संसाधन बनाकर शहर की आय और रोजगार दोनों बढ़ाए जाएं। छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं धमतरी चेंबर के वरिष्ठ पदाधिकारी राजा रोहरा ने इस विषय पर जोर देते हुए कहा कि आज दुनिया भर में प्लास्टिक रिसाइक्लिंग की अत्याधुनिक तकनीकें उपलब्ध हैं। इन तकनीकों के माध्यम से प्लास्टिक कचरे को नई उपयोगी सामग्री में परिवर्तित किया जा सकता है। उदाहरण के रूप में आज कई आधुनिक मशीनें और तकनीकें उपलब्ध हैं, जिससे प्लास्टिक का बेहतर प्रबंधन किया जा सकता है। यदि नगर निगम, प्रशासन और उद्योग जगत मिलकर इन तकनीकों को धमतरी में लागू करें तो प्लास्टिक कचरा शहर के लिए बोझ नहीं बल्कि एक आर्थिक अवसर बन सकता है। इससे शहर की सफाई व्यवस्था भी बेहतर होगी, निगम की आय भी बढ़ेगी और अनेक युवाओं को नए रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। धमतरी चेंबर ऑफ कॉमर्स का स्पष्ट मत है कि कार्रवाई की दिशा रोजगार समाप्त करने की नहीं, बल्कि नव निर्माण और समाधान की होनी चाहिए। व्यापारियों को समस्या का कारण मानने के बजाय उन्हें समाधान का सहभागी बनाया जाए। राजा रोहरा ने प्रशासन से आग्रह किया है कि इस विषय में जल्दबाजी में कार्रवाई करने के बजाय विशेषज्ञों, उद्योगों और व्यापारिक संगठनों के साथ विस्तृत चर्चा की जाए तथा आधुनिक रिसाइक्लिंग तकनीकों को अपनाकर धमतरी को प्लास्टिक प्रबंधन के एक आदर्श मॉडल शहर के रूप में विकसित किया जाए। यदि सही दिशा में पहल की जाए तो प्लास्टिक समस्या नहीं, बल्कि स्वच्छता, आर्थिक विकास और रोजगार की एक नई क्रांति का माध्यम बन सकता है।
