मलबे में डाला मुरुम बारिश से फैला सड़क पर, कीचड़ में फिसल कर हुए कई घायल
मुरुम डालने वाले पर हो रही कार्रवाई की मांग,लेकिन स्पष्ट नहीं हो पा रहा है किसने डाला है बिना अनुमति मुरम

धमतरी। कुछ दिन पहले ही नेशनल हाईवे के गड्ढो को रातोरात मुरुम डालकर पाटा गया लेकिन जब यह बात मीडिया के माध्यम से प्रसारित हुई तो इसका विरोध शुरु हुआ और इस लापरवाही से जो आंशकायें थी वही दुर्घटना के रुप में सच साबित हो रही है। पिछले तीन दिनों से लगातार वर्षा हो रही है जो कि परेशानी को और बढ़ा रहा है। ज्ञात हो कि धमतरी-रायपुर रोड एनएच 30 पर सिहावा से घड़ी चौक के बीच 11 सितम्बर की रात्रि कुछ लोगों द्वारा डामरीकृत नेशनल हाईवे सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढो में मुरुम डालकर पाटा गया लेकिन डामरीकृत सड़क पर मुरुम डालना पूरी तरह बेकूफी या लापरवाही है। इसके बाद लोगों द्वारा एनएचएआई और पीडब्ल्यूडी विभाग सहित निगम पर सड़क पाटने का अनुमान लगाया जा रहा था लेकिन तीनों विभागों द्वारा इस कार्य से पल्ला झाड़ लिया। इससे यह सस्पेंस बन चुका है कि आखिरकार सड़क पर मुरुम डाला तो किसने? अब जब से सड़क पर मुरुम डाला गया है तब से लगातार वर्षा हो रही है। जिससे मुरुम सड़क पर बह रहा है जो वाहनों के पहिये के साथ चिपक मार्गो में काफी दूर तक फैल गया है। यह कीचड़ का रुप धारण कर चुका है। सिहावा चौक क्षेत्र में दिन में कई दुपहिया वाहने स्लीप होकर अनियंत्रित होकर गिर रही है। जिससे अब तक कई लोगों घायल हो चुके है। इनमें बुजुर्ग और ग्रामीण ज्यादा है। आसपास के व्यापारियों ने बताया कि मुरुम फैलकर पानी से मिलकर सड़क पर फिसलन का कारण बन गया है। कई लोग अब तक गिर कर घायल हो चुके है। और यदि बारिश थम जाये तो यह सड़क पर धूल का कारण बनेगा। जिससे राहगीर और रोड किनारे के दुकानदार और निवासी परेशान होंगे। उल्लेखनीय है कि धमतरी शहर के सड़को की दशा इतनी खराब हो चुकी है सड़कों पर चलना खतरों से खेलने के समान है। सड़क पर गड्ढ़े या गड्ढो पर सड़क यह स्पष्ट नहीं हो पाता है। कई बार मरम्मत के नाम पर गड्ढ़ो में मलबा डाला जा चुका है लेकिन जनता को राहत नही मिल पाई है। अब स्थिति यह हो चुकी है कि प्रदेश के मुख्य न्यायाधीश को भी सड़कों की दशा पर नाराजगी जाहिर करनी पड़ी। और अधिकारियों को सड़कों की मरम्मत हेतु निर्देशित करना पड़ा।

