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महिला सशक्तिकरण की मिसाल बना ग्राम चटौद:लखपति ग्राम के रूप में मिली नई पहचान

धमतरी-अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर धमतरी जिले के विकासखंड कुरूद अंतर्गत ग्राम पंचायत चटौद ने महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण आजीविका के क्षेत्र में एक नई पहचान स्थापित की है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के प्रभावी क्रियान्वयन और महिलाओं की मेहनत से यह गांव आज लखपति ग्राम के रूप में उभरकर सामने आया है। यह उपलब्धि न केवल गांव की महिलाओं की आर्थिक प्रगति को दर्शाती है, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक प्रेरणादायी उदाहरण भी प्रस्तुत करती है।
विकासखंड कुरूद में आरसेटी के माध्यम से किए गए विस्तृत सर्वेक्षण और डिजिटल आजीविका रजिस्टर के आंकड़ों से इस सकारात्मक परिवर्तन की पुष्टि हुई है। सर्वेक्षण के दौरान ग्राम चटौद के स्व-सहायता समूहों से जुड़ी 220 सदस्य महिलाओं की आय का आकलन किया गया, जिसमें सभी महिलाओं की वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक दर्ज की गई। इस उपलब्धि का तृतीय पक्ष सत्यापन (थर्ड पार्टी वेरिफिकेशन) भी कराया गया, जिसमें महिलाओं की बढ़ी हुई आय को प्रमाणित किया गया। इस प्रकार चटौद गांव को आधिकारिक रूप से “लखपति ग्राम” के रूप में मान्यता मिली।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के माध्यम से गांव की महिलाओं को स्व-सहायता समूहों में संगठित कर उन्हें उद्यमिता, कौशल विकास और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ा गया। प्रशिक्षण, वित्तीय साक्षरता और योजनाओं के मार्गदर्शन ने महिलाओं में आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को भी विकसित किया।
चटौद की इस सफलता के पीछे विविध आजीविका गतिविधियों का सशक्त आधार है। महिलाओं को पारंपरिक कृषि के साथ-साथ पशुपालन, मत्स्य पालन, सब्जी उत्पादन, कृषि आधारित लघु उद्योगों तथा अन्य आयवर्धक गतिविधियों से जोड़ा गया। शासन की महत्वाकांक्षी गौठान परियोजना ने भी यहां के 200 से अधिक परिवारों को रोजगार और अतिरिक्त आय के अवसर उपलब्ध कराए हैं, जिससे ग्रामीण आजीविका को नई दिशा मिली है।
इसके अतिरिक्त, चटौद स्थित गणेशा फायरवर्क्स इकाई में लगभग 100 महिलाओं को रोजगार प्राप्त हुआ है, जहां महिलाएं पर्यावरण अनुकूल ग्रीन फायरवर्क्स के विभिन्न प्रकार के पटाखों का निर्माण कर रही हैं। इससे उन्हें नियमित आय का स्रोत मिला है और वे आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से आगे बढ़ रही हैं।
महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए एंटरप्राइज लोन, सामुदायिक निवेश कोष तथा अन्य आसान ऋण सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। इन संसाधनों की सहायता से महिलाओं ने छोटे-छोटे उद्यम स्थापित किए और अपनी आय में निरंतर वृद्धि की।
आज चटौद की लखपति दीदियाँ न केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि वे सामाजिक परिवर्तन की प्रेरक शक्ति भी बन गई हैं। उनकी मेहनत, दृढ़ संकल्प और सामूहिक प्रयास ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि ग्रामीण महिलाओं को सही मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता मिले, तो वे गरीबी के दायरे को पार कर समृद्धि की नई कहानी लिख सकती हैं।
ग्राम पंचायत चटौद का लखपति ग्राम की श्रेणी में शामिल होना महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास की दिशा में एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। यह सफलता आने वाले समय में अन्य ग्राम पंचायतों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी और ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करेगी।

Ashish Kumar Jain

Editor In Chief Sankalp Bharat News

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