अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर महतारी वंदन महिला सम्मान उत्सव का आयोजन,महिलाओं के सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता पर दिया गया विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने हितग्राही श्रीमती नीतू साहू से वर्चुअल किया संवाद

धमतरी-अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन एवं महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला धमतरी के संयुक्त तत्वाधान में “महतारी वंदन महिला सम्मान उत्सव” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम नगर निगम धमतरी के महापौर जगदीश रामू रोहरा के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं से महिलाओं को जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम से धमतरी जिले के ग्राम श्यामतराई की हितग्राही श्रीमती नीतू साहू से वर्चुअल संवाद किया। मुख्यमंत्री ने उनसे महतारी वंदन योजना की राशि के उपयोग के बारे में जानकारी ली। इस पर श्रीमती साहू ने बताया कि वे योजना से प्राप्त राशि का सदुपयोग करते हुए अपनी दोनों बेटियों के भविष्य को ध्यान में रखकर प्रतिमाह 500-500 रुपये उनके खातों में जमा कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने उनकी सराहना करते हुए इसे अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणादायी बताया।
धमतरी में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि रामू रोहरा द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इसके पश्चात् जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री महेश राम मरकाम ने विभागीय प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए जिले में संचालित महिला एवं बाल विकास योजनाओं की जानकारी दी।
मुख्य अतिथि रामू रोहरा ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं को जो सम्मान मिल रहा है वह उनका अधिकार है। जहां महिलाओं का सम्मान होता है वहां समृद्धि और सफलता स्वयं आती है। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं स्वच्छता दीदी के रूप में समाज की सेवा करने से लेकर लड़ाकू विमान उड़ाने तक हर क्षेत्र में अपनी क्षमता का परिचय दे रही हैं।
कार्यक्रम में महिलाओं की सुरक्षा और जागरूकता से जुड़े विषयों पर भी जानकारी दी गई। साइबर सुरक्षा विषय पर श्री विकास द्विवेदी ने डिजिटल माध्यमों के सुरक्षित उपयोग के बारे में बताया, वहीं काउंसलर श्रीमती सरला द्विवेदी ने महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य और परामर्श की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। शासकीय कन्या महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा नाटक के माध्यम से महिला सशक्तिकरण का प्रभावी मंचन भी किया गया, जिसे उपस्थित जनों ने सराहा।
इस अवसर पर विभिन्न विभागों द्वारा योजनाओं से संबंधित स्टॉल लगाकर महिलाओं को जानकारी प्रदान की गई। जिला पंचायत द्वारा महिलाओं को लाइसेंस एवं किट का वितरण किया गया तथा महिला उद्यमी कार्यक्रम के अंतर्गत स्व सहायता समूहों को ऋण वितरित किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ महिला कोष तथा सक्षम योजना के अंतर्गत स्व सहायता समूहों को ऋण उपलब्ध कराया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपस्थित महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा परिवहन विभाग द्वारा आवश्यक दस्तावेज प्राप्त कर ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया भी संचालित की गई।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भूतपूर्व विधायक श्रीमती रंजना डिपेन्द्र साहू ने कहा कि महिलाओं का सम्मान केवल 8 मार्च तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि पूरे वर्ष समाज में उन्हें समान अवसर और सम्मान मिलना चाहिए। जिला पंचायत सदस्य श्रीमती मोनिका देवांगन ने कहा कि आज महिलाएं स्व सहायता समूहों के माध्यम से छोटी-छोटी बचत कर आर्थिक रूप से मजबूत बन रही हैं और आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर हो रही हैं। अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष नेहरू निषाद ने कहा कि देश की स्वतंत्रता से लेकर राष्ट्र निर्माण तक महिलाओं का योगदान महत्वपूर्ण रहा है और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में भी उनकी भूमिका अहम रहेगी।
इस अवसर पर विभिन्न विभागों द्वारा योजनाओं से संबंधित स्टॉल लगाकर महिलाओं को जानकारी प्रदान की गई। जिला पंचायत द्वारा महिलाओं को लाइसेंस एवं किट का वितरण किया गया तथा महिला उद्यमी कार्यक्रम के अंतर्गत स्व सहायता समूहों को ऋण वितरित किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ महिला कोष तथा सक्षम योजना के अंतर्गत स्व सहायता समूहों को ऋण उपलब्ध कराया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपस्थित महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा परिवहन विभाग द्वारा आवश्यक दस्तावेज प्राप्त कर ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया भी संचालित की गई.कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं, स्व सहायता समूह की सदस्याएं, छात्राएं तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। यह आयोजन महिला सशक्तिकरण, जागरूकता और शासकीय योजनाओं से महिलाओं को जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
