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वन्यजीवों के प्राकृतावास स्थल व विचरण क्षेत्र को नष्ट कर झोपड़ी बनाकर निवास करने वाले 5 महिला सहित 22 आरोपी गिरफ्तार, भेजा गया जेल

उदंती-सीतानदी रिजर्व के अंतर्गत् वन परिक्षेत्र सीतानदी, परिसर नकबेल/घोटबेड़ा कोर क्षेत्र के आरक्षित वन कक्ष क्रमांक-322 एवं 323 में आरोपी बसंत कुमार यादव पिता फरसराम यादव एवं 46 अन्य द्वारा बिना अनुमति के हथियार सहित प्रवेशकर अतिक्रमण के उद्देश्य से 20.608 हेक्टेयर वनभूमि स्थित साल ईमारती मिश्रित प्रजाति के गीले 86 वृक्षों, छोटे-बड़े हरे भरे पौधों एवं हरे छिंद घासों की कटाई-सफाई करने, वनभैंसा (छत्तीसगढ़ के राजकीय पशु), बाघ, हाथी, तेंदुआ एवं अन्य वन्यजीवों के प्राकृतावास स्थल व विचरण क्षेत्र को नष्ट करने, झोपड़ी बनाकर व आग जलाकर निवास करने आदि का साक्ष्य के आधार पर वन अपराध कृत्य में संलिप्त एवं मौके पर मौजूद कुल 22 लोगों को माचिस, कुल्हाड़ी, चाकू, फावड़ा, हाजिरी पंजी, काटे लकड़ियों, सायकल एवं अन्य खाने, बिस्तर आदि सामग्री सहित को गिरफ्तार उपरांत माननीय न्यायिक दण्डाधिकारी, प्रथम श्रेणी नगरी के समक्ष प्रस्तुत किया गया एवं न्यायिक अभिरक्षा में उक्त गिरफ्तार 22 में से 5 महिलाओं को महिला प्रकोष्ठ केन्द्रीय कारागार रायपुर व 17 पुरुष आरोपियों को जिला जेल धमतरी में दाखिल किया गया। इस प्रकरण में पी.ओ.आर. नं.-07/15 दिनांक 24.04.2026 भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा-26 (1) क, ख, ङ, च, ज एवं वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की धारा-27, 29, 30, 31, 32, 51, 52 के तहत् अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
उल्लेखनीय यह भी है उक्त आरोपियों के विरुद्ध पूर्व में भी पी.ओ.आर. नं.-14197/21 दिनांक 26.04.2023 एवं 14197/23 दिनांक 12.06.2023 पंजीबद्ध है जिसमें माननीय सक्षम न्यायालय के जमानत शर्तों का उल्लंघन व माननीय न्यायालय के आदेश का अवमानना करते हुए वर्तमान में तीसरी बार वन अपराध कारित किया गया है। वर्तमान में प्रकरण के शेष 25 आरोपी फरार हैं जिनका पतासाजी किया जा रहा है. उक्त जानकारी उपनिदेशक, उदंती-सीतानदी टायगर रिजर्व गरियाबंद ने दी है.

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