गौ-संरक्षण के लिए उमड़ा जनसैलाब: रैली निकालकर राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
संस्कृति और अर्थव्यवस्था का प्राण है गौ-वंश -सुबोध राठी

धमतरी। भारतीय संस्कृति, अर्थव्यवस्था और पर्यावरण की आधारशिला ‘गौ-माताÓ के संरक्षण एवं संवर्धन की मांग को लेकर धमतरी में हिंदू जागरण मंच द्वारा एक विशाल रैली का आयोजन किया गया। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में गौ-सेवकों ने नगर के प्रमुख मार्गों से भ्रमण कर गौ-वंश की सुरक्षा के लिए अपनी आवाज बुलंद की और तहसीलदार के माध्यम से राष्ट्रपति एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। अभियान की शुरुआत शहर के ऐतिहासिक गांधी मैदान से हुई, जहाँ बड़ी संख्या में हिंदू समाज के लोग और गौ-प्रेमी एकत्रित हुए। रैली के दौरान गौ-माता की जय और गौ-संरक्षण हमारा संकल्प जैसे नारों से पूरा शहर गुंजायमान हो उठा। आयोजन का मुख्य उद्देश्य वर्तमान समय में गौ-वंश की दयनीय स्थिति की ओर सरकार और समाज का ध्यान आकर्षित करना था। रैली को संबोधित करते हुए हिंदू जागरण मंच के सुबोध राठी और हेमराज सोनी ने कहा कि गाय केवल एक पशु नहीं, बल्कि भारतीय परंपराओं का प्राण है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मानव आरोग्य, विषमुक्त कृषि, और पर्यावरण के संतुलन के लिए गाय का स्थान सर्वोपरि है। आज संरक्षण के अभाव में गौ-वंश सड़कों पर बदहाली की स्थिति में है, जो संपूर्ण राष्ट्र के लिए चिंता का विषय है। भारत भूमि पर गौ-वंश को सुखी, सम्मानित और सुरक्षित रखने हेतु अब ठोस और कड़े कानूनी प्रयासों की आवश्यकता है। इस विशाल आयोजन में समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने अपनी सहभागिता दर्ज कराई। कार्यक्रम में मुख्य रूप से महेश रोहरा, दीपक ठाकुर, पंडित हरिशरण वैष्णव, मोहन साहू, डाकेश्वर निषाद, अभिषेक, गजेन्द्र साहू, संजय साहू, मोहन, चित्रेश साहू, सत्यम सिन्हा, कमलनारायण, गोदावरी साहू, सनत साहू सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति और युवा कार्यकर्ता उपस्थित थे।
मांगो को ले तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
रैली के समापन पर संगठन के पदाधिकारियों ने तहसीलदार को एक विस्तृत हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री से मांग की गई कि गौ-वंश की रक्षा, सेवा और उनके स्थायी संरक्षण हेतु राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर विशेष नीतियां बनाई जाएं। साथ ही गौ-तस्करी और सड़कों पर घूम रहे लावारिस गौ-वंश के लिए उचित आश्रय स्थलों (गौठानों) के प्रबंधन की मांग भी की गई।

