धमतरी में पूरा हुआ 12 करोड़ लक्ष्यार्चन का संकल्प
12 साल पहले श्रीश्री रविशंकर जी महाराज ने शुभारंभ कर लिया था संकल्प

शांति वाटिका में आयोजित पूजन में शामिल हुए भक्त
धमतरी। अनंत श्री विभूषित श्री रविशंकर जी महाराज, संत शिरोमणी श्री रावतपुरा सरकार ने 12 साल पहले धमतरी की पावन धरा में 12 करोड़ लक्ष्यार्चन पूर्ण करने का संकल्प लिया था। जो 1 मई 2026 को धमतरी के सिहावा रोड स्थित शांति वाटिका में शाम 7 बजे आयोजित कार्यक्रम में पूरा हुआ। यहां 12 लाख लक्ष्यार्चन संपन्न हुआ। यह दृश्य अलौकिक और अद्भुत रहा। भक्तों ने इसमें बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया।
वर्ष 2014 में गुरूदेव संत शिरोमणी श्री रावतपुरा सरकार दिनेश राठी के निवास में आये थे। तब 12 करोड़ लक्ष्यार्चन का संकल्प लिया था। 12 साल में अलग-अलग जगहों में लक्ष्यार्चन किया गया। सवा करोड़ अर्चन एक साथ हुआ था जिसमें 25 हजार लोग बैठे थे। मां राजराजेश्वरी द्वादश लक्ष्यार्चन (12 लाख अर्चन) 1 मई की शाम शांति वाटिका सिहावा रोड धमतरी में संपन्न हुआ। कहा जाता है कि लक्ष्यार्चन में सब भगवान शामिल हुए। महाराज जी के सानिध्य में आचार्यो के मंत्रोच्चारण के बीच श्री गौरी गणेश नवग्रह का आव्हान किया गया। स्नान आदि के बाद भोग माता को भोग लगाया गया। पूजा की विधि को ही अर्चन कहते है। धमतरी में 1100 लोगों द्वारा लक्ष्यार्चन किया गया। कार्यक्रम में माता का श्रृंगार हुआ। कई प्रकार के नमकीन, मीठा, फूल, फल, सब्जी, पान, नारियल चांदी के जेवर, मेहंदी, साड़ी, कपड़ा, इलाइची आदि चढ़ाये गए। लक्ष्यार्चन के दौरान पुरूष भक्त बैठे थे। सारी सामग्री आयोजक श्री रावतपुरा सरकार मंडल द्वारा उपलब्ध करायी गई। राजराजेश्वरी लक्ष्यार्चन से भय, दुख, क्लेश, पीड़ा दूर हो जाता है। गुरूदेव के सानिध्य में होने वाले लक्ष्यार्चन में कोई चमत्कार कुछ भी नहीं होता। यह आत्मअनुभूति से प्राप्त की जा सकती है। अंत में सभी भक्तों के लिए प्रसादी की व्यवस्था की गई थी।
देश के कई राज्यों में हो चुका है लक्ष्यार्चन
आयोजक मंडल के दिनेश राठी, भावना राठी ने बताया कि देश के कई राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ में ज्यादा लक्ष्यार्चन हुआ है। छत्तीसगढ़ के रायपुर में तथा धमतरी, भानुप्रतापपुर में भी हो चुका है। राजराजेश्वरी लक्ष्यार्चन देवियों की पूजा का माध्यम है। श्री रावतपुरा सरकार के आश्रमों में 600 पंडित हैं। जिनके माध्यम से मंत्रोच्चार किया जाता है।
श्री रावतपुरा सरकार की संस्था सेवा के क्षेत्र में अग्रणी
श्री रावतपुरा सरकार संस्था धार्मिक क्षेत्र के अलावा समाजसेवा के क्षेत्र में भी अग्रणी है। इस संस्था के माध्यम से अनाथालय, वृद्धाश्रम, गौसेवा, मेडिकल कालेज, स्कूल, यूनिवर्सिटी संचालित है। श्री रावतपुरा सरकार भक्त मंडल के सदस्य दिनेश राठी, भावना राठी, आनंद भल्ला, हेतल संघवी, नरेन्द्र गोलछा, गंगा प्रसाद, भीखम नाहर, ऋषि लुनावत आदि इस कार्यक्रम की तैयारी में जुटे रहे। पूजा में शामिल भक्त पूर्व विधायक हरषद मेहता, लेखराम साहू, सत्यनारायण राठी, दीपक लखोटिया, अमरचंद जैन, राजेन्द्र लुंकड़, कीर्ति शाह, विजय अग्रवाल, दिग्विजय कृदत्त, अशोक पवार, मनीष चंद्राकर, संजीव वाहिले, आशा श्रोती, दिलीप राज सोनी, मनोज सोनी आदि ने कहा कि यह पूजन अद्भुत और अलौकिक था। पूजा के दौरान मन में एक अलग प्रकार की शंाति का अनुभव हुआ। यह सौभाग्य की बात है कि धमतरीवासियों को राजराजेश्वरी लक्ष्यार्चन पूजा में शामिल होने का अवसर प्राप्त हुआ।
राजराजेश्वरी लक्ष्यार्चन का है विशेष महत्व
अपने उद्बोधन में महाराज जी रावतपुरा सरकार ने कहा कि राजराजेश्वरी पदमावती, श्रीदेवी, महालक्ष्मी, भूदेवी, दस महाविद्या है। कामाख्या है, मानवता है, केदार नाथ, बद्रीनाथ है। इसमें जितने महा भगवान है इस श्रीचक्र में विद्यमान है। ये सुख, शांति, भक्ति, एश्वर्य प्रदान करते हैं। 2014 में भक्त दिनेश राठी के निवास में पहुंचकर संकल्प लिया था। यहीं से श्रीविद्या का उद्भार हुआ है। यहीं से पाठ शुरू किया है। 12 साल तक जहां भी रहे अर्चन लगातार जारी रहा। आज 12 करोड़ अर्चन सफलता पूर्वक पूरा हुआ। तीन माह पहले इसे कहीं और पूरा करने का सोचा था। तब सोते सोते अचानक सोचा कि इस अर्चन की शुरूआत कहां से हुई थी, तब विचार आया कि इसका शुभारंभ धमतरी से हुआ था तो क्यों न इसका समापन धमतरी से ही किया जाए। आयोजक मंडल को आशीर्वाद जिन्होंने यह कार्य संपन्न कराया। इस पूजन की बड़ी महिमा है, जितना कहा जाए उतना कम है। इस अर्चन से भक्तों के व्यवहार में परिवर्तन होगा। कर्म जागेगा, शांति मिलेगी। पदमावती, लक्ष्मी, महालक्ष्मी का आशीर्वाद सदैव रहेगा। धमतरी से बहुत पुराना रिश्ता है। हम 1997 में पहली बार आए थे। यहां से दंतेश्वरी गए थे।
दिव्यांग बालिका को दिया व्हील चेयर
पूजन के दौरान धमतरी रावतपुरा सरकार भक्त मंडल द्वारा महाराज जी के कर कमलों से एक्जेक्ट फाउंडेशन की अस्थि बाधित दिव्यांग बालिका माला कुर्रे को व्हीलचेयर प्रदान किया गया। व्हीलचेयर देने महाराज जी बालिका तक पहुंचे।