मातृशक्ति सम्मान एवं आध्यात्मिक संदेशों के साथ मातृ दिवस कार्यक्रम संपन्न
बार्गी डेम, जबलपुर में हुए क्रूज हादसे में दिवंगत आत्माओं की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर दी गई भावपूर्ण श्रद्धांजलि

धमतरी । प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय धमतरी के तत्वावधान में रविवार को मातृ दिवस का गरिमामय एवं प्रेरणादायी आयोजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य रूप से श्रीमती कौशिल्या देवांगन (सभापति, नगर पालिक निगम धमतरी), श्रीमती रागिनी मिश्रा (एसडीओपी, कुरूद, जिला धमतरी), श्रीमती हरसिमरन कौर खालसा (पूर्व प्राचार्या, मेनोनाइट सीनियर सेकेंडरी हायर स्कूल, धमतरी) तथा राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी सरिता दीदी (संचालिका, जिला धमतरी) विशेष रूप से उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का शुभारंभ बच्चों द्वारा मातृ दिवस पर मनोहारी नृत्य प्रस्तुति से किया गया। अपने उद्बोधन में श्रीमती हरसिमरन कौर खालसा ने कहा कि प्रत्येक धर्म में माता को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। माता से बढ़कर न कोई चिकित्सक है, न कोई औषधि, क्योंकि नारी सर्वगुण संपन्न है। श्रीमती रागिनी मिश्रा ने कहा कि मातृत्व का गुण नारी में जन्मजात होता है तथा जीवन की प्रत्येक परिस्थिति में मां ही उचित मार्गदर्शन देती है। श्रीमती कौशिल्या देवांगन ने कहा कि मां केवल एक शब्द नहीं, बल्कि परिवार की छत्रछाया, संस्कारों की जननी और सशक्त समाज की आधारशिला है। अपने दिव्य एवं प्रेरणादायी उद्बोधन में आदरणीय सरिता दीदी जी ने मातृ दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ह्लमां है तो संसार है और संसार का प्रथम परिचय भी मां ही कराती है।उन्होंने कहा कि ह्लत्वमेव माता च पिता त्वमेवह्व केवल एक श्लोक नहीं, बल्कि मां के दिव्य स्वरूप का अनुभव है। परमात्मा, प्रकृति माता, भारत माता और जन्मदात्री माता इन चारों मातृशक्तियों के कारण ही मानव जीवन सुरक्षित, संस्कारित और समृद्ध बना हुआ है। उन्होंने कहा कि परमात्मा ने स्वयं कहा मैं हर स्थान पर प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित नहीं रह सकता, इसलिए मैंने प्रत्येक घर में मां को भेजा है।मां का हृदय असीम करुणा, त्याग, सहनशीलता और संतुष्टि से भरा होता है। मां अपने बच्चों को केवल भोजन नहीं कराती, बल्कि अपने हाथों से प्रेम, संस्कार और आत्मिक शक्ति भी प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि यदि हमारे जीवन में कोई कमी, कमजोरी, चिंता या दु:ख है, तो उसे परमात्मा रूपी मां के समक्ष समर्पित कर देना चाहिए, क्योंकि मां का स्नेह हर पीड़ा को शक्ति में बदलने की क्षमता रखता है। कार्यक्रम के समापन अवसर पर बार्गी डेम, जबलपुर में हुए क्रूज हादसे में दिवंगत आत्माओं की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम का सुंदर संचालन जागृति बहन द्वारा किया गया तथा अंत में सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।