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15 सालों से डॉ. दिनेश नाग दे रहे योग प्रशिक्षण, 200 से अधिक शिविरों के माध्यम से 10 हजार से अधिक लोगों को कर चुके है प्रशिक्षित

शरीर, मन, आत्मा के संतुलन के लिए साल के पूरे 365 दिन करे योग - डॉ. दिनेश नाग

कहा विश्व योग दिवस की घोषणा के बाद से लोगो में योग को लेकर बढ़ी है जागरुकता

धमतरी। आज 21 जून को विश्व भर में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। इस अवसर पर योग को देश दुनिया को अवगत कराने का प्रयास जारी है। ऐसे प्रयासों में धमतरी के भी कुछ योग प्रशिक्षक है जो लोगों को योग का प्रशिक्षण देकर उन्हे जीवन भर निरोग रहने की प्रेरणा दे रहे है। इनमें एक नाम है डॉ. दिनेश नाग जो विगत 15 वर्षो से योग का प्रशिक्षण लोगों को दे रहे है। अब तक 200 से अधिक विशाल शिविर में 10 हजार से अधिक लोगों को योग का प्रशिक्षण दे चुके है। और वर्तमान में भी उनका यह प्रयास जारी है उनके प्रशिक्षित कई बच्चें आज अनेक मंचो पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर मेडल जीत चुके है। और वे भी प्रशिक्षण दे रहे है। चर्चा के दौरान डा. दिनेश नाग ने बताया कि योग हमारे वेदो के उपदेश में है यह पौराणिक स्वास्थ्य पद्धति है, लेकिन 21वीं सदी के आधुनिक जीवन शैली में योग बेहतर स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है।
योग को धर्म से न जोड़े शरीर मन की मजबूती के लिए योग है आवश्यक
डॉ नाग ने एक सवाल के जवाव में कहा कि योग का संबंध एक धर्म विशेष तक नहीं है योग तो सम्पूर्ण मानव जाति के कल्याण के लिए है। इसलिए सभी धर्म समुदाय के लोग शरीर, मन की मजबूती हेतु योग कर सकते है। योग आज के भागदौड़ और मिलावट वाले खाद्य पदार्थो के दौर में अत्यंत आवश्यक है।
विशेषज्ञो की देखरेख नें ही करें योग
डॉ नाग ने आगे कहा कि योग करने के दौरान भी सावधानी बरतनी वाले लोगों को योग के बार में न तो ज्यादा जानकारी थी और न ही ज्यादा लोग योग के महत्व को समझते थे, लेकिन जब साल 2015 में 21 जून को विश्व योग दिवस का शुरुवात हुई तब से वृहद आयोजन होने शुरु हुए लोगों में जागरुकता आने लगी टीवी सोशल मीडिया आदि के माध्यम से भी योग का प्रचार हुआ। डा. नाग ने आगे कहा कि योग प्रत्येक व्यक्ति को करना चाहिए यह शरीर, मन और आत्मा के संतुलन के लिए आवश्यक है। इसमें असाध्य रोग बीपी , शुगर आदि पर भी नियंत्रण संभव है। सभी को साल के 365 दिन योग करना चाहिए। प्रशिक्षको व विशषेज्ञों की देखरेख में ही योगा सीखना व करना चाहिए। क्योंकि क्या करना है इससे ज्यादा महत्वपूर्ण क्या नहीं करना है। गलत तरीके से योग करने से लाभ तो होगा नहीं उल्टे कई प्रकार की शारीरिक समस्याएं उत्पन्न हो सकती है। शरीर की अवस्था, बीमारियों के अनुसार ही विशेषज्ञो की राय व देखरेख में ही योग करना चाहिए।
कुछ समय के लिए यह दो आसन है उत्तम
डॉ. दिनेश नाग ने एक सवाल के जवाब में बताया कि आज लोगों के पास समय कम है ऐसे में कम समय में ज्यादा फायदे हेतु सूर्य नमस्कार और प्रज्ञा योग किया जा सकता है। सूर्य नमस्कारे में 12 और प्रजा योग में 16 स्टेप होते है। इतना मात्र भी रोजाना करें तो शरीर व मन को काफी लाम मिलता है। और समय व क्षमता हो तो अन्य आवश्यक आसनों को अपनी दिनचर्या में हमे शामिल करना चहिए।
इन डिग्री व कोर्स के माध्यम से बन सकते है योग एक्सपर्ट
जिस प्रकार किसी अन्य प्रोफेशनल कोर्स के बाद उसकी विशेषज्ञता की डिग्री प्रदान की जाती है। उसी प्रकार योग के क्षेत्र में भी कई डिग्री व कोर्स है जिन्हें प्राप्त कर हम योग एक्सपर्ट बन सकते है। योग में बीएससी, एमएससी, बीए, एमए, पीएचडी जैसे कोर्स होते है। साथ ही बीएनवायएस कोर्स भी होता है। जिसमें योग व नेचुरोपैथी की डिग्री मिलती है। यह प्रदेश के डॉ. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में व निजी कई संस्थानों में यह कोर्स उपलब्ध है।
योग के क्षेत्र में संभवानायें तो बहुत है लेकिन वेकेंसी नहीं
डॉ नाग ने आगे बताया कि योग एक विधा है इसके लिए भी विशेष कोर्स व डिग्री प्रदान की जाती है। योग के क्षेत्र में संभावनाएं तो बहुंत है। लेकिन शासकीय व निजी तौर पर वेकेंसी नहीं है। नतीजन रोजगार के क्षेत्र में शासन को ध्यान देने की आवश्यकता है।
पत्नी डॉ डॉ चित्रा नाग के निधन के बाद इस कार्य में जी जान से जुटे है डा नाग

चर्चा के दौरान डॉ नाग ने बताया कि पिछले 25 वर्षों से योग के क्षेत्र में कार्य कर रहे है। गायत्री परिवार से जुड़े होने के कारण माँ पिताजी और चाचाजी से प्रेरित होकर योग शुरू किया था। छत्तीसगढ़ योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा रायपुर से सर्वप्रथम योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा कोर्स करने के बाद योग प्रशिक्षक के रूप में कार्य प्रारंभ किया, फिर अभी तक लगभग 200 से ज्यादा नि:शुल्क शिविर लगा चुके है है जहां योग के साथ आयुर्वेद पंचकर्म एवं प्राकृतिक चिकित्सा की जानकारी देकर लोगों को जागरूक करने का कार्य कर रहे हैं। बाद में बीएनवायएस कोर्स (डिप्लोमा इन नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंस) दिल्ली से करके और ज्यादा कार्य करते गए। बाद में एमएससी योग एंड नैचुरोपैथी किया और अभी भी योग के छात्र के रूप में पीएचडी कर रहे है। पत्नी डॉ डॉ चित्रा नाग के निधन के बाद इस कार्य में जी जान से डा नाग जुटे है।
धमतरी का पहला योग आयोग से मान्यता प्राप्त केंद्र
पिछले 6 वर्षों से छत्तीसगढ़ योग आयोग से जुड़ कर आयोग के प्रशिक्षित मान्यता प्राप्त ट्रेनर बना और योग आयोग के आवाहन पर 6 वर्ष पूर्व हमारे क्लीनिक में चित्रा अष्टांग योग का संचालन किया जो पूर्णत: नि:शुल्क और नियमित रूप से संचालित है जिसमें अभी तक हजारों लोगों ने योग का प्रशिक्षण प्राप्त किया है। यहां सभी आयु के लोग आते है स्कूल के बच्चों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाता है। अभी नई बच्चों का सत्र सुबह 6.30 से 7.30 के बीच रहता है और रोगानुसार भी योग के सत्र चलते है जो योग विशेषज्ञ में देखरेख उनकी रोग अनुसार प्रशिक्षक द्वारा योग कराया जाता है। नरेश कुमार नाग योग प्रशिक्षक छत्तीसगढ़ योग आयोग, पूजा नाग योग प्रशिक्षक छत्तीसगढ़ योग आयोग, सृष्टि मगर प्रशिक्षित योग ट्रेनर, मीनाक्षी यादव योग विशेषज्ञ, डॉ निधि वर्मा योग एवं मनोविज्ञान विशेषज्ञ द्वारा भी योग प्रशिक्षण दिया जाता है। बता दे कि डा नाग द्वारा संचालित संस्था धमतरी का पहला योग आयोग से मान्यता प्राप्त केंद्र है। पिछले तीन वर्षों से जिला प्रशासन का मुख्य योग कार्यक्रम का संचालन कर भी कर रहे है।

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