दुग्ध उत्पादन को मिलेगा नई तकनीक और बेहतर प्रबंधन का संबल

शीत केंद्र धमतरी से 52 पशुपालक, दुग्ध उत्पादक, सचिव एवं अध्यक्ष प्रशिक्षण के लिए जबलपुर रवाना
धमतरी- दुग्ध उत्पादन से जुड़े पशुपालकों एवं दुग्ध सहकारी समितियों के पदाधिकारियों को आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक पशुपालन एवं बेहतर दुग्ध प्रबंधन से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। इसी क्रम में शीत केंद्र धमतरी से जिले के 52 पशुपालक, दुग्ध उत्पादक, समिति सचिव एवं अध्यक्ष प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए जबलपुर रवाना हुए।
प्रशिक्षण का उद्देश्य दुग्ध उत्पादकों को पशुपालन एवं दुग्ध व्यवसाय की आधुनिक तकनीकों से अवगत कराते हुए दुग्ध उत्पादन की गुणवत्ता एवं उत्पादकता में वृद्धि करना है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को उन्नत पशुपालन, पशुओं के संतुलित आहार, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की वैज्ञानिक विधियों, पशु स्वास्थ्य एवं प्रबंधन, स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण दुग्ध उत्पादन तथा दुग्ध सहकारी समितियों के प्रभावी संचालन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी जाएगी।
इसके साथ ही पशुपालकों को दुग्ध व्यवसाय को केवल पारंपरिक आजीविका तक सीमित न रखते हुए इसे सुदृढ़ एवं लाभकारी स्वरोजगार के रूप में विकसित करने के लिए आवश्यक व्यवहारिक पहलुओं की जानकारी भी प्रदान की जाएगी। प्रशिक्षण में दुग्ध संग्रहण, गुणवत्ता परीक्षण, स्वच्छता मानकों, दुग्ध की बेहतर गुणवत्ता बनाए रखने तथा सहकारी व्यवस्था के माध्यम से उत्पादकों को अधिक प्रभावी ढंग से जोड़ने जैसे विषयों पर भी मार्गदर्शन मिलेगा।
दुग्ध सहकारी समितियों के अध्यक्ष एवं सचिवों के लिए यह प्रशिक्षण समिति के संचालन, अभिलेख संधारण, दुग्ध उत्पादकों के साथ समन्वय तथा सहकारी गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाने की दृष्टि से उपयोगी होगा। इससे ग्राम स्तर पर दुग्ध सहकारी समितियों की कार्यप्रणाली को और अधिक व्यवस्थित एवं सशक्त बनाने में सहायता मिलेगी।
वैज्ञानिक पशुपालन से बढ़ेगी आय, मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था
प्रशिक्षण के माध्यम से प्राप्त ज्ञान एवं तकनीकी जानकारी को पशुपालक अपने गांवों में अपनाकर दुग्ध उत्पादन एवं पशुओं के स्वास्थ्य में सुधार ला सकेंगे। इससे पशुपालकों की आय में वृद्धि के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में दुग्ध आधारित आजीविका एवं स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
यह प्रशिक्षण पशुपालकों के लिए नई तकनीकों को सीखने, अपने अनुभवों को साझा करने तथा दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में बेहतर संभावनाओं को समझने का अवसर भी प्रदान करेगा। प्रशिक्षण से लौटने के बाद प्रतिभागी अपने क्षेत्र के अन्य पशुपालकों के साथ जानकारी साझा कर ज्ञान के प्रसार और सामूहिक रूप से दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगे।
शीत केंद्र धमतरी से प्रशिक्षण के लिए रवाना हुए प्रतिभागियों ने इस पहल को पशुपालकों के ज्ञानवर्धन, क्षमता निर्माण और आयवृद्धि की दिशा में उपयोगी कदम बताया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक एवं वैज्ञानिक पद्धतियों की जानकारी मिलने से पशुपालन को अधिक व्यवस्थित एवं लाभकारी बनाने में सहायता मिलेगी।