बालिका सशक्तिकरण एवं प्रेरणा कार्यक्रम के तहत 21 सितंबर को रुद्री से गंगरेल तक होगी साइकिल रैली, पर्वतारोही समीरा खान करेंगी प्रेरणादायी संवाद

धमतरी- सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत बालिकाओं में आत्मविश्वास, साहस, नेतृत्व क्षमता और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बालिका सशक्तिकरण एवं प्रेरणा कार्यक्रम के अंतर्गत 21 सितंबर 2026 को बालिका साइकिल रैली एवं प्रेरणादायी संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन बालिकाओं को अपने सपनों को पहचानने, चुनौतियों का साहस के साथ सामना करने तथा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा।
कार्यक्रम के तहत बालिका साइकिल रैली शाम 4 बजे से 4:45 बजे तक रुद्री से गंगरेल तक आयोजित की जाएगी। रैली में बालिकाएं उत्साहपूर्वक भाग लेंगी। साइकिल रैली के माध्यम से बालिकाओं को आत्मनिर्भरता, नेतृत्व क्षमता, शारीरिक सक्रियता और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व के प्रति जागरूक किया जाएगा। रैली बालिकाओं के लिए केवल एक खेल गतिविधि नहीं, बल्कि उनके आत्मविश्वास और आगे बढ़ने के संकल्प का प्रतीक बनेगी।
रैली के पश्चात शाम 4:45 बजे से 5:15 बजे तक गंगरेल स्थित वरदिया लेक व्यू में बालिका संवाद कार्यक्रम आयोजित होगा। इस अवसर पर प्रसिद्ध पर्वतारोही एवं सोलो साइकिलिस्ट समीरा खान बालिकाओं के साथ संवाद करेंगी। वे अपने जीवन के अनुभवों, यात्राओं और चुनौतियों को साझा करते हुए बालिकाओं को साहस, आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास के लिए प्रेरित करेंगी।
संवाद कार्यक्रम का विषय “सपनों को पंख दें — साहस, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की ओर बालिकाओं की उड़ान” रखा गया है। संवाद के दौरान साइकिल से सफर से पर्वतों तक की यात्रा, साहस के साथ चुनौतियों पर विजय तथा सपनों से सफलता तक जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी। समीरा खान अपने अनुभवों के माध्यम से यह संदेश देंगी कि दृढ़ इच्छाशक्ति, आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास के बल पर कठिन से कठिन लक्ष्य को भी हासिल किया जा सकता है।
यह आयोजन बालिकाओं को अपनी क्षमताओं पर विश्वास करने, नए सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करेगा। साइकिल रैली और संवाद के माध्यम से बालिकाओं में नेतृत्व, निर्णय लेने की क्षमता, आत्मनिर्भरता तथा स्वस्थ एवं सक्रिय जीवनशैली के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने का प्रयास किया जाएगा।बालिका सशक्तिकरण एवं प्रेरणा कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं के उत्साह, साहस और सपनों को नई दिशा देते हुए उन्हें आत्मविश्वास से आगे बढ़ने तथा आत्मनिर्भर भविष्य की ओर कदम बढ़ाने के लिए प्रेरित करना है।

