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दिव्यांश के साथ खेलकर खिले सार्थक के विशेष बच्चों के चेहरे

रघाटाटे परिवार ने अपने हाथों से कराया भोजन, मिठाई खिलाई और नोटबुक-पेन भेंट किए

मानसिक दिव्यांग प्रशिक्षण एवं सेवा केंद्र सार्थक स्कूल में प्रेम, अपनापन और खुशियों से भरा वातावरण देखने को मिला। धमतरी के यशवंत रघाटाटे एवं हेमलता रघाटाटे अपने बेटे निखिल, बहू सुरभि एवं एक वर्षीय पोते दिव्यांश के साथ विशेष बच्चों को भोजन कराने सार्थक स्कूल पहुंचे।
अतिथियों के आगमन पर बच्चों ने मधुर स्वागत गीत प्रस्तुत कर उनका आत्मीय स्वागत किया। बच्चों की सुंदर प्रस्तुति से स्कूल का वातावरण खुशी और अपनत्व से भर गया।
इस अवसर पर एक वर्षीय नन्हा दिव्यांश मुस्कुराते हुए सार्थक के विशेष बच्चों के पास जा रहा था। बच्चे भी उसके साथ खेलकर बेहद प्रसन्न हो रहे थे। दिव्यांश की मासूम मुस्कान और बच्चों के साथ उसकी सहज घुल-मिल जाने की भावना ने सभी का मन मोह लिया। बच्चों और नन्हे दिव्यांश के बीच का यह स्नेहपूर्ण जुड़ाव कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा।
रघाटाटे परिवार ने सभी विशेष बच्चों को अपने हाथों से स्वादिष्ट भोजन परोसकर खिलाया। भोजन के साथ मिठाई भी खिलाई गई। परिवार ने बच्चों के साथ केक काटकर खुशियां साझा कीं और उन्हें अपने हाथों से केक खिलाया। बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे।
बच्चों के लिए यह अवसर केवल भोजन तक सीमित नहीं था, बल्कि प्रेम, अपनत्व और सामाजिक सहभागिता का सुंदर अनुभव भी बना। अतिथियों के साथ बैठकर भोजन करना, अपनी बारी का इंतजार करना और मिल-जुलकर खाना बच्चों के सामाजिक एवं व्यवहारिक विकास में सहायक होता है। जिन बच्चों को भोजन करने में सहायता की आवश्यकता होती है, उन्हें सहयोग मिलने से उनकी सहभागिता और आत्मविश्वास को प्रोत्साहन मिलता है।
रघाटाटे परिवार ने सभी विशेष बच्चों को नोटबुक एवं पेन उपहारस्वरूप प्रदान किए, जिससे बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला।

मधुर भजन से गूंजा वातावरण

इस दौरान रघाटाटे परिवार एवं समाजसेवी वंदना शर्मा ने मधुर भजन प्रस्तुत किया। भजन के दौरान बच्चों सहित उपस्थित सभी लोगों ने तालियों के साथ उत्साहपूर्वक सहभागिता की। संगीत और सामूहिक सहभागिता से कार्यक्रम का वातावरण और भी आनंदमय हो गया।
दिव्यांश के प्रथम जन्मदिन के अवसर पर परिवार ने बच्चों के साथ खुशियां साझा कीं। नन्हे दिव्यांश की मुस्कान, बच्चों के साथ उसका खेलना और परिवार का स्नेहपूर्ण व्यवहार पूरे कार्यक्रम को यादगार बना गया।अतिथियों ने सार्थक स्कूल में विशेष बच्चों को शिक्षा के साथ प्रेम, संस्कार, सामाजिक व्यवहार एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने के प्रयासों की सराहना की। बच्चों के साथ समय बिताकर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की।सार्थक स्कूल की अध्यक्ष डॉ. सरिता दोशी एवं सचिव स्नेहा राठौड़ ने रघाटाटे परिवार और समाजसेवी वंदना शर्मा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विशेष बच्चों के साथ समय बिताना, उन्हें स्नेह देना और उनकी खुशियों में सहभागी बनना समाज की संवेदनशीलता एवं समावेशी भावना को मजबूत करता है।कार्यक्रम में प्रशिक्षक मैथिली गोड़े, देविका दीवान, कौशिल्या यादव, काजल रजक, सुनैना गोड़े तथा पालक प्रेमबती साहू, सविता शेख एवं शकुंतला सोनी उपस्थित रहे।

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