नगरी में हल्दी की वैज्ञानिक खेती को मिलेगा नया आयाम
250 किसानों ने खरीदे 10 टन गुणवत्तायुक्त बीज, 250 टन उत्पादन का लक्ष्य
उत्पादन से लेकर प्रसंस्करण और विपणन तक विकसित होगी सशक्त मूल्य श्रृंखला, किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

धमतरी। कृषि विविधीकरण को बढ़ावा देने तथा किसानों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करने के उद्देश्य से धमतरी जिले के नगरी विकासखंड में हल्दी की वैज्ञानिक खेती को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसी क्रम में ग्राम पंचायत झुझरकस्सा के आश्रित ग्राम कोर्रेमुडा में जिला पंचायत धमतरी, जनपद पंचायत नगरी एवं प्रदान संस्था के संयुक्त सहयोग से हल्दी की वैज्ञानिक खेती पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में नगरी एवं मगरलोड विकासखंड के कृषि मित्रों और पीआरपी ने सहभागिता करते हुए हल्दी उत्पादन की आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक एवं तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त किया। कार्यक्रम का उद्देश्य खेती की वैज्ञानिक पद्धतियों को गांव-गांव तक पहुंचाकर किसानों को गुणवत्तापूर्ण एवं अधिक उत्पादन के लिए तैयार करना है। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने भूमि की तैयारी, उन्नत एवं रोगमुक्त बीज (राइजोम) का चयन, बीज उपचार, संतुलित पोषण प्रबंधन, सिंचाई, खरपतवार नियंत्रण, फसल संरक्षण, वैज्ञानिक कटाई तथा कटाई उपरांत प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। साथ ही किसानों को यह भी बताया गया कि गुणवत्तापूर्ण उत्पादन के साथ उचित प्रसंस्करण एवं विपणन से हल्दी की खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है। इस पहल के अंतर्गत अब तक 250 किसानों ने गट्टासिल्ली किसान उत्पादक कंपनी (एफपीसी) के माध्यम से लगभग 10 टन हल्दी बीज (राइजोम) का क्रय किया है। इन बीजों से लगभग 270 दिनों में 250 टन हल्दी उत्पादन होने का अनुमान है। खेती के प्रत्येक चरण में कृषि मित्रों एवं एफपीओ द्वारा किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन एवं नियमित फील्ड सपोर्ट उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे उत्पादन की गुणवत्ता एवं उत्पादकता दोनों में वृद्धि सुनिश्चित हो सके। उत्पादित हल्दी का प्रसंस्करण हरिभूमि किसान उत्पादक संगठन के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए जिला पंचायत धमतरी द्वारा कोर्रेमुडा में हल्दी प्रसंस्करण इकाई स्थापित कर किसानों को मूल्य संवर्धन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। प्रसंस्करण के बाद तैयार हल्दी पाउडर का विपणन गट्टासिल्ली किसान उत्पादक कंपनी द्वारा किया जाएगा, जिससे किसानों को बेहतर बाजार एवं उचित मूल्य प्राप्त हो सकेगा। यह पहल किसानों को केवल उत्पादन तक सीमित न रखकर ह्यउत्पादनझ्रप्रसंस्करणझ्रब्रांडिंगझ्रविपणनö की संपूर्ण मूल्य श्रृंखला से जोडऩे की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
