पंथी कलाकार छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक एवं सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रखने का कार्य कर रहे है- कोमल संभाकर
कुम्हारी (भखारा) में हुआ पंथी कलाकार मिलन समारोह

भखारा। ग्राम कुम्हारी में सोमवार को पंथी कलाकार मिलन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में रायपुर, दुर्ग, बालोद सहित विभिन्न जिलों से पहुंचे पंथी कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियां देकर समां बांध दिया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में कलाकार एवं समाजजन मौजूद रहे।
कार्यक्रम में युवा समाजसेवी कोमल संभाकर अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने पंथी कला एवं कलाकारों के संरक्षण और उनके हितों को लेकर महत्वपूर्ण पहल की बात कही। संभाकर ने कहा कि पंथी कलाकार छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक एवं सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रखने का कार्य कर रहे हैं। कलाकारों की समस्याओं, जरूरतों और अधिकारों को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने के लिए पंथी कलाकार संरक्षण समिति बनाने की दिशा में पहल की जाएगी।समारोह के दौरान विभिन्न जिलों से आए कलाकारों ने पारंपरिक पंथी नृत्य एवं गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं, जिसे उपस्थित लोगों ने खूब सराहा। इस दौरान विनोद डिंडोलकर ,अर्जुन सोनवानी,रूपेंद्र बघेल,मोनू टंडन राहुल टंडन,मोनू टंडन, खेमन सोनवानी!
आयोजक टिम से डोमन सोनवानी, टोमन चंदेल, निरंजन बघेल, कामता चंदेल, निखिल कुमार, सागर बघेल, कृतम बघेल, जगन्नाथ सोनवानी, हिमांशु सोनवानी, आदि बघेल,हर्ष चंदेल सहित बड़ी संख्या में पंथी कलाकार एवं समाजजन उपस्थित रहे।