तहसील ब्राह्मण समाज का हुआ होली मिलन, सांस्कृतिक परम्पराओ के संरक्षण पर हुई चर्चा

कुरुद। तहसील ब्राह्मण समाज कुरूद द्वारा काली मंदिर परिसर पर होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर समाज के उत्थान, एकजुटता और सांस्कृतिक परम्पराओ के संरक्षण पर चर्चा की गई। कार्यक्रम के दौरान जगजीवन मिश्रा एवं पूर्व महासचिव भुपेंद्र मिश्रा ने समाज हित की बातो पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता प्रयास ही समाज को नई दिशा प्रदान कर सकते हैं। तहसील ब्राह्मण समाज अध्यक्ष केपी तिवारी ने बसंत पंचमी पर्व की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि माघ मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी को ज्ञान, वाणी और संगीत की देवी मां सरस्वती का प्राकट्य हुआ था, इसलिए इस दिन को हम ऋतुराज बसंत के आगमन के साथ साथ विद्यारंभ के शुभ अवसर पर के रुप मे मनाते हैं। उन्होंने आगे कहा कि बसंत केवल ऋतु नही बल्कि नव निर्माण का प्रतीक है। जिस प्रकार प्रकृति पुरानी पत्तियों को त्याग कर नई कोपलो के साथ खिल उठते हैं। समाज को भी कुरीतियों को त्याग कर प्रगतिशील सोच को अपनाना चाहिए। इस अवसर पर हयग्रीव शर्मा, लक्ष्मीकांत दिवेदी, नंद पाण्डे, कुरूद तहसील मीडिया प्रभारी रामनाथ शर्मा, आशीष शर्मा, पूर्व अध्यक्ष कमल शर्मा, देवकांत दिवेदी, महेश शर्मा, कोमल शुक्ला, प्रमोद दुबे, दुर्गेश दिवेदी, अशोक शर्मा, मनुराज शर्मा, अनिल झा, नीरज शुक्ला, रवि शर्मा, चंदन शर्मा, राजेंद्र श्रोती उपस्थित थे।
