पेट्रोल, डीजल, सिलेण्डर, किराना समानों के बाद हरी सब्जियों की बढ़ती कीमतों से बिगड़ रहा रसोई का बजट
निम्न व मध्यम वर्गीय परिवारों की थाली हुई मंहगी, मंहगाई के चलते खाद्य सामाग्रियों, सब्जियों में होने लगी कटौती

धमतरी। मंहगाई के मार से जूझ रही जनता पर नित नये सामानों के दामो में वृद्धि आर्थिक स्थिति बिगड़ाने का कार्य कर रही है। इस बार हरी सब्जियों के आसमाने छूते दामों से सामान्य परिवारों के रसोई का बजट गड़बड़ा गया है।
उल्लेखनीय है कि ईरान अमेरिका, इजराइल युद्ध का असर भारत देश पर भी पड़ा है। पेट्रोल-डीजल व एलपीजी, सीएनजी की कीमतो में लगातार वृद्धि हो रही है। मंहगाई बढ़ती जा रही है। पेट्रोल-डीजल के दामो में वृद्धि का असर परिवहन शुल्क पर पड़ा है। परिवहन शुल्क बढऩे से सभी सामानों के दामो में वृद्धि हो गई है। विशेषकर खाद्य सामानों किराना की वस्तुओं के दाम तो लगातार बढ़ते ही जा रहे है। इसी बीच हरी सब्जियों के भाव चढऩे से मंहगाई और बढऩे लगी है। सब्जियों के दाम खाद्य बाजार में पिछले महीने भर में कई गुणा बढ़े है। सभी सब्जियों में आवश्यक टमाटर की कीमती 60 रुपये प्रतिकिलो तक पहुंच गई है। ढेंस 80 रुपये, बैंगन 40 रुपये, शिमला मिर्च 80-90 रुपये, अदरक 150 से ऊपर, लौकी 20 से 25, बरबट्टी 40 रुपये, धनिया 80 रुपये, परवल 40 रुपये किलो तक बिक रहा है। माह भर में दाम दो गुणा हो गये है। इससे निश्चित रुप से रसोई का बजट बढ़ा है। आम निम्न व मध्यम वर्गीय परिवार पहले से ही मंहगाई से त्रस्त है। उस पर आये दिन सामानों के बढ़ते दामों से परेशानी बढ़ गई है। गृहणी सोमा साहू, चित्रलेखा देवांगन ने बताया कि पेट्रोल-डीजल की कीमतो का असर प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रुप से सभी पर पड़ रहा है। वहीं एलपीजी के दाम में वृद्धि व किराना सामान जैसे तेल, दाल, मसाले की कीमते भी बढ़ी है। अब सब्जियों के बढ़ते दाम से बजट तो बिगड़ा है। इसलिए खानपान में कुछ चीजो की कटौती कर बैलेंस करने का प्रयास कर रहे है।

