सर्प दंश का बढ़ा खतरा, जिले के स्वस्थ्य केन्द्रो में है पर्याप्त एंटी स्नेक वेनम
बारिश के मौसम में हर साल बढ़ जाती है स्नेक बाइट की घटनाएं, जागरुकता व समय पर इलाज से बचाई जा सकती है जान

धमतरी। बारिश के मौसम में जहरीले जीवों का खतरा कई गुणा बढ़ जाता है इससे बात जान पर भी बन आती है। सबसे ज्यादा सर्पदंश के मामले होते है। और बारिश में इसका आंकड़ा कई गुणा बढ़ जाता है। ऐसे में समय पर इलाज और जागरुकता से उपचार संभव हो पाता है।
बता दे कि धमतरी जिले के शासकीय अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रो में पर्याप्त एंटी स्नेक वेनम की उपलब्धता है। ऐसे लोगो को तत्काल उपचार मिल पा रहा है। जिले के स्वास्थ्य केन्द्रो में 2400 से अधिक एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध है। लगातार शासन द्वारा जागरुकता के प्रयास भी किये जाते रहे है। जिससे लोगों में सर्पदंश को लेकर जागरुकता बढ़ी है। अब ज्यादातर लोग सर्पदंश का चिकित्सकीय उपचार कराते है। झाड़-फूंक पर भरोसा काफी कम हुआ है। बता दे कि साल 2025 में स्नैक बाइट के कुल 319 मामले सामने आये थे जिनमें से मात्र 3 की मौत हुई शेष को सुरक्षित बचा लिया गया था। इस साल के शुरुवाती 6 माह में 92 लोग सर्पदंश के शिकार हो चुके है। और एक की मौत हो चुकी है।
सांप काटे तो सबसे पहले क्या करें
जहरीले सांप के काटने पर घबराएं नहीं, बल्कि तुरंत मरीज को शांत रखें और उसे कम से कम हिलने-डुलने दें, क्योंकि अधिक गतिविधि से जहर शरीर में तेजी से फैल सकता है। जिस हाथ या पैर में सांप ने काटा है, उसे स्थिर रखें और बिना देर किए 108 एम्बुलेंस की सहायता लें या मरीज को निकटतम अस्पताल पहुंचाएं, जहां एंटी-स्नेक वेनम (एएसवी) देकर उपचार किया जा सके। घाव को काटने, मुंह से जहर चूसने, बहुत कसकर रस्सी बांधने, बर्फ, मिट्टी, हल्दी, तेल या किसी भी घरेलू नुस्खे का प्रयोग बिल्कुल न करें। यदि सुरक्षित हो तो सांप की पहचान के लिए उसका रंग, आकार या फोटो याद रखें, लेकिन उसे पकडऩे या मारने की कोशिश न करें। सांस लेने में तकलीफ, आंखों की पलकें झुकना, बोलने या निगलने में कठिनाई, तेजी से सूजन या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें तो इसे गंभीर स्थिति मानते हुए तत्काल अस्पताल पहुंचाना जीवनरक्षक साबित हो सकता है। हर सांप जहरीला नहीं होता, लेकिन हर सांप के काटने को आपात स्थिति मानकर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेना सबसे सुरक्षित उपाय है।
धमतरी व आसपास के क्षेत्रो में पाये जाते है यह जहरीले सांप
धमतरी सहित पूरे छत्तीसगढ़ क्षेत्र में मानसून के दौरान जहरीले सांपों की गतिविधियां बढ़ जाती हैं। यहां सबसे अधिक पाए जाने वाले जहरीले सांपों में इंडियन कोबरा (नाग), कॉमन करैत, रसेल्स वाइपर और सॉ-स्केल्ड वाइपर (फुरसा) शामिल हैं। इनमें कॉमन करैत और कोबरा के काटने के मामले अपेक्षाकृत अधिक सामने आते हैं। वहीं धामन और अजगर जैसे सांप भी इस क्षेत्र में मिलते हैं, लेकिन ये जहरीले नहीं होते। यदि किसी व्यक्ति को सांप काट ले तो घबराएं नहीं, प्रभावित अंग को जितना हो सके स्थिर रखें और बिना देरी किए नजदीकी अस्पताल पहुंचें।
सर्पदंश से बचाव के लिए बरते सावधानी
सर्पदंश से बचाव के लिए घर और आसपास की झाडिय़ों, कचरे व लकडिय़ों के ढेर को साफ रखें। रात में बाहर निकलते समय हमेशा टॉर्च का उपयोग करें। खेत, जंगल या घास वाले क्षेत्रों में मजबूत जूते तथा पूरे पैर ढकने वाले कपड़े पहनें। बिना देखे किसी बिल, झाड़ी, पत्थर या लकड़ी के नीचे हाथ न डालें। घर के दरवाजे, खिड़कियों और दीवारों की दरारों को बंद रखें ताकि सांप अंदर न आ सकें। चूहों की संख्या कम रखें क्योंकि जहां चूहे होते हैं वहां सांप आने की संभावना बढ़ जाती है। जमीन पर सोने से बचें और यदि मजबूरी हो तो मच्छरदानी का उपयोग करें। बच्चों को सांपों से दूर रहने और उन्हें छेडऩे या पकडऩे की कोशिश न करने की समझाइश दें। यदि घर या आसपास सांप दिखाई दे तो उसे मारने की कोशिश न करें, सुरक्षित दूरी बनाए रखें और वन विभाग या सर्प रेस्क्यू टीम को सूचना दें। बारिश के मौसम में विशेष सतर्कता बरतें क्योंकि इस दौरान सांप अधिक सक्रिय रहते हैं।