नरहरा जलप्रपात पूरे शबाब पर, पर्यटन को दिया जाएगा बढ़ावा
विभिन्न योजनाओं के समन्वित प्रयासों से विकसित हो रहा नरहरा धाम, ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में बनेगा नई पहचान
महिला स्व-सहायता समूहों की आजीविका बढ़ाने आजीविका शेड, दुकान, सोलर लाइट, ई-रिक्शा एवं ड्रोन प्रशिक्षण की होगी व्यवस्था


धमतरी । जिले के मध्य क्षेत्र में स्थित प्राकृतिक एवं धार्मिक महत्व के पर्यटन स्थल नरहरा धाम का विभिन्न विभागों एवं योजनाओं के समन्वित प्रयासों से चरणबद्ध विकास किया जा रहा है। जिला प्रशासन की पहल पर यहां पर्यटन सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, वन्यजीव संरक्षण तथा स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के निर्देशन में नरहरा धाम को ग्रामीण पर्यटन के आदर्श मॉडल के रुप में विकसित करने की दिशा में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। पर्यटन विभाग द्वारा समिति का पंजीयन कराया गया है तथा समिति के 16 सदस्यों को पर्यटन प्रबंधन, आतिथ्य एवं पर्यटक सुविधाओं से संबंधित प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इसके अलावा समिति के सदस्यों का शैक्षणिक भ्रमण भी कराया गया जिससे वे अन्य सफल पर्यटन स्थलों के संचालन एवं प्रबंधन का अनुभव प्राप्त कर सकें। इस संबंध में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत जयंत नाहटा ने बताया कि कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के निर्देशन में प्रबंधन समिति के मांग पर महिला स्व-सहायता समूहों के लिए आजीविका शेड का निर्माण कराया जाएगा। इसके माध्यम से समूह की महिलाएं स्थानीय उत्पादों एवं अन्य सामग्री का विक्रय कर अपनी आय में वृद्धि कर सकेंगी। पर्यटकों की सुविधा के लिए वन विभाग के माध्यम से दुकानों का निर्माण कराया जाएगा तथा पर्यटन बोर्ड के सहयोग से परिसर में सोलर लाइट की व्यवस्था भी की जाएगी। पेयजल की व्यवस्था करने के निर्देश दिये। उन्होंने बताया कि महिला स्व-सहायता समूहों की आजीविका को और सशक्त बनाने के लिए ई-रिक्शा उपलब्ध कराने की भी योजना बनाई जा रही है, जिससे समूह की महिलाएं पर्यटकों को नरहरा धाम परिसर एवं आसपास के प्रमुख स्थलों तक सुरक्षित एवं सुविधाजनक परिवहन सेवा उपलब्ध करा सकेंगी। इससे महिलाओं को नियमित आय का एक नया स्रोत प्राप्त होगा। इसके साथ ही पर्यटकों को नरहरा धाम एवं इसके आसपास के प्राकृतिक सौंदर्य, वन क्षेत्र और जल संरचनाओं का हवाई दृश्य दिखाने के लिए ड्रोन आधारित पर्यटन सेवा विकसित करने की भी योजना है। इस नवाचार के तहत महिला स्व-सहायता समूह की चयनित महिलाओं को ड्रोन संचालन एवं प्रबंधन का विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, ताकि वे प्रशिक्षित ड्रोन पायलट के रुप में इस सेवा का संचालन कर सकें।
डोकाल, पालवाड़ी एवं सोनझरी के घने वन क्षेत्र से घिरा नरहरा धाम है प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण
डोकाल, पालवाड़ी एवं सोनझरी के घने वन क्षेत्र से घिरा नरहरा धाम प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण है। वर्षाकाल में जंगलों का पानी दो भागों में विभाजित होकर सियारी नदी तथा नरहरा क्षेत्र की ओर प्रवाहित होता है। इस प्राकृतिक जल प्रवाह को व्यवस्थित करने के लिए पूर्व में वन विभाग द्वारा ड्रेनेज का कार्य कराया गया जिससे वर्षाजल का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित हुआ। वन क्षेत्र से घिरे इस स्थल का महत्व वन्यजीव संरक्षण की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह क्षेत्र वन्य प्राणियों के प्राकृतिक आवागमन के लिए कॉरिडोर का कार्य कर रहा है। यहां निर्मित जल संरचनाओं के कारण वर्षभर वन्यजीवों एवं पक्षियों को पानी उपलब्ध हो रहा है जिससे जैव विविधता संरक्षण को भी बढ़ावा मिला है।
इन सुविधाओं का हुआ विस्तार
वीबी- जी राम जी के अंतर्गत सिंचाई विभाग द्वारा स्टाप डैम का निर्माण कराया गया है। इन जल संरचनाओं से वर्षाजल का संरक्षण होने के साथ-साथ वन्यजीवों, पशु-पक्षियों एवं स्थानीय ग्रामीणों को भी पानी की सुविधा उपलब्ध हो रही है। पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जल संसाधन विभाग द्वारा वीबी- जी राम जी एवं जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) मद से लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से सड़क का निर्माण कराया गया है। सड़क निर्माण से पर्यटन स्थल तक पहुंच पहले की तुलना में अधिक सुगम एवं सुरक्षित हो गई है। पर्यटन विभाग द्वारा लगभग 35 लाख रुपये की लागत से वॉच टॉवर, सुरक्षा रेलिंग एवं बैठने की व्यवस्था विकसित की गई है। वहीं वीबी- जी राम जी एवं स्वच्छ भारत मिशन के माध्यम से सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया गया है जिससे पर्यटकों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हो रही है। भारतमाला परियोजना के कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) मद से बच्चों एवं पर्यटकों के मनोरंजन के लिए झूला एवं एडवेंचर स्पोट्र्स की स्थापना की गई है। साथ ही पर्यटकों के मार्गदर्शन के लिए धमतरी से नरहरा धाम तक विभिन्न स्थानों पर 13 नग सूचना एवं डिस्प्ले बोर्ड लगाए गए हैं। स्थानीय प्रबंधन समिति द्वारा भी पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आवश्यकतानुसार विभिन्न विकास कार्य कराए गए हैं।
