आवारा मवेशी हो रहे जानलेवा साबित, अव्यवस्था की बलि चढ़ा युवा व्यवसायी
सड़को पर रहता है आवारा मवेशियो का जमघट, निगम से धरपकड़ अभियान में तेजी लाने की हो रही मांग
गोकुल नगर बसाने, डेयरियों को शहर से बाहर शिफ्ट करने से मिलेगी राहत

धमतरी। शहर के मुख्य मार्गो सहित गली मोहल्लो में आवारा मवेशियों का जमघट रहता है। इससे पूर्व में कई बार सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी है। हाल ही में प्रशासन व मवेशी मालिकों की अव्यवस्था व लापरवाही की बलि एक युवा राईस मिलर व्यवसायी चढ़ा।
बता दे कि महिमासागर वार्ड निवासी सुधाकर देवांगन 36 वर्ष जो श्यामतराई के पास स्थित अपने राईस मिल से अपने दुपहिया से 18 अप्रैल की रात्रि लगभग 10.30 बजे वापस लौट रहा था तभी सोरिद और श्यामतराई के बीच सड़क पर मवेशियों से टकरा गया। जिसके पश्चात गंभीर अवस्था में उसे उपचार हेतु जिला अस्पताल ले जाया गया फिर बठेना अस्पताल ले जाया गया जहां से बेहतर उपचार हेतु रायपुर रिफर किया गया लेकिन युवा व्यवसायी की जान नहीं बच पाई। इस हादसे के बाद एक फिर आवारा मवेशियों की समस्या की निदान की मांग जोर शोर से होने लगी है। लोगो का कहना है कि निगम द्वारा आवारा मवेशियो की लगातार धरपकड़ अभियान की जानी चाहिए। ताकि कुछ हद तक राहत मिले। साथ ही शहर के भीतर संचालित डेयरियों को शहर से बाहर शिफ्ट किया जाना चाहिए इससे न सिर्फ यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, दुर्घटनाओं में कमी आएगी साथ ही स्वच्छता बनाये रखने में भी मद्द मिलेगी।
गोकुल नगर के लिए किया गया है नये स्थल का चयन, जल्द ली जाएगी डेयरी संचालकों की बैठक – आयुक्त प्रिया गोयल

निगम आयुक्त प्रिया गोयल ने चर्चा के दौरान बताया कि गोकुलनगर बसाने के लिए पुराने चयनित स्थल में सहमति नही बन पाने के पश्चात पुराने स्थल सोरम भटगांव के पास ही नये स्थल का चयन किया गया है। इस संबंध में जल्द ही डेयरी संचालकों की बैठक ली जाएगी और सहमति बनाकर जल्द ही गोकुलनगर बसाने की दिशा मेें प्रयास किया जायेगा। साथ ही निगम द्वारा लगातार आवारा मवेशियों की धरपकड़ अभियान जारी रहेगी। निगम आवारा मवेशियो की समस्या के निदान के लिए गंभीर है।
मवेशियों के गले मे बांधी जाएगी रेडियम पट्टी, यातायात पेट्रोलिंग मवेशियों को हटाती है सड़को से – डीएसपी मोनिका मरावी

डीएसपी मोनिका मरावी ने चर्चा के दौरान कहा कि मवेशियों के कारण यातायात में उत्पन्न होने वाली बाधा को दूर करने व दुर्घटनाओं में कमी लाने प्रयासरत है। रेडियम पट्टी मंगाई गई है जिसे मवेशियों के गले में बांधा जाएगा ताकि रात्रि में वाहन चालकों को मवेशी दूर से ही नजर आ जाए। इसके अतिरिक्त यातायात पेट्रोलिंग टीम मुख्य मार्गो से आवारा मवेशियों को हटाती है।

