शीतलाष्टमी पर मां शीतला का हुआ सहस्त्रधारा जलाभिषेक, लगी भक्तों की लंबी कतार
जलाभिषेक के दौरान 6 ब्राम्हणों द्वारा किया जा रहा अनवरत देवी अथर्व शीर्षम मंत्र का जाप
मां शीतला स्वास्थ्य और स्वच्छता की है अधिष्ठात्री देवी, जल अर्पित करने से मिलती है रोगों से मुक्ति, होती है सुख-समृद्धि व बेहतर स्वास्थ्य की प्राप्ति

धमतरी। शीतलाष्टमी पर शहर के दानीटोला वार्ड स्थित श्री शीतला माता मंदिर में आज विशेष धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मां शीतला का सहस्त्रधारा जलाभिषेक किया जा रहा है। जिसमें सुबह से शाम तक श्रद्धालु माता को जल अर्पित कर पुण्य लाभ प्राप्त कर रहे है।
ज्ञात हो कि आज प्रात: 6 बजे से शाम 6 बजे तक लगातार सहस्त्रधारा जलाभिषेक जारी है। गर्भगृह में प्रवेश कर माता को भक्तंो ने जल अर्पित किया। मां शीतला को जल अर्पित करने बड़ी संख्या में भक्त शीतला मंदिर पहुंचे। भक्तों की लंबी कतार माता के जला अभिषेक के लिए लगी रही। मंदिर परिसर में सुबह से ही भक्तों के लिए ठंडा भोजन प्रसादी का वितरण किया गया। जिसमें सैकड़ो भक्तों ने प्रसादी ग्रहण किया। जलाभिषेक के दौरान अनवरत देवी अथर्व शीर्षम मंत्र का जाप 6 ब्राम्हणों द्वारा किया जा रहा है। जलाभिषेक के पश्चात शाम 6:30 बजे मां शीतला का विशेष श्रृंगार किया जाएगा, जिसके बाद शाम 7 बजे हवन, 8 बजे महाआरती फिर प्रसाद वितरण होगा।
माना जाता है कि भगवती शीतला माता स्वास्थ्य और स्वच्छता की अधिष्ठात्री देवी हैं। माता को श्रद्धा और भक्ति के साथ जल अर्पित करने से रोगों से मुक्ति और सुख-समृद्धि व बेहतर स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है। इसी आस्था के साथ हर वर्ष शीतलाष्टमी के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं। कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर में दिनभर भंडारा प्रसादी का भी वितरण किया जा रहा है।
भक्तों को प्रदान किया गया शीतला माता ठंडा प्रसादी

उल्लेखनीय है कि मां शीतला स्वास्थ्य व शीतलता की देवी है। इसलिए मां शीतला को ठंडा अन्न नीम पत्ते, दही आदि चढ़ाया जाता है। आज शीतला अष्टमी के पावन अवसर पर भक्तों को प्रसादी के रुप में ठंडा भोजन जिसमें दही, पुड़ी, कांजी बड़ा, गुलगुला, कड़ी, चावल, बुंदी, बेसन सेव, पापड़, सब्जी आदि वितरण किया गया। उक्त सभी भोजन ठंडा वितरित किया गया।


