नश्वर संसार में गुरु का नाम ही मनुष्य का सच्चा और स्थायी सहारा है – संत
चालीहा महापर्व का 26वाँ दिन श्रद्धा व भक्ति के साथ संपन्न

धमतरी। सद्गुरु स्वामी श्री टेऊँराम जी महाराज के 140वें जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में श्री प्रेम प्रकाश आश्रम, धमतरी में आयोजित चालीहा महापर्व का 26वाँ दिन श्रद्धा, आस्था, भक्ति और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस पावन अवसर पर चालीसा पाठ का आयोजन गुरुभक्त अमरापुरवासी स्व. परचामलजी के पुत्र अशोक कुमार वाधवानी तथा उनके पौत्र रोहन एवं पंकज वाधवानी के परिवार द्वारा रोहन के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में कराया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सामूहिक प्रार्थना से हुआ। इसके पश्चात श्रद्धालुओं ने गुरु प्रार्थना अष्टक एवं दुख निवारण अष्टक का सामूहिक पाठ कर सद्गुरु के श्रीचरणों में सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। संतजी ने भजन के माध्यम से संदेश दिया कि इस नश्वर संसार में गुरु का नाम ही मनुष्य का सच्चा और स्थायी सहारा है। गुरु ही जीवन की नैया के खेवैया हैं तथा उनके श्रीचरणों में समर्पण करने से ही भवसागर से पार पाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि धन, वैभव, रिश्ते और शरीर सभी नश्वर हैं, जबकि गुरु का नाम और उनकी कृपा ही जीवन की वास्तविक पूंजी है। इसलिए व्यर्थ की चिंताओं और माया-मोह से दूर रहकर गुरु स्मरण को जीवन का आधार बनाना चाहिए। सत्संग के समापन पर संत जी ने पल्लव अरदास कर समस्त श्रद्धालुओं के सुख, शांति, उत्तम स्वास्थ्य एवं मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना की।
