अब नहीं रहेगी पानी की चिंता : सिर्री मल्टी विलेज स्कीम से बुझेगी कुरूद के 84 गांवों की प्यास
प्यासे गांवों को मिलेगी नई जिंदगी, सिर्री मल्टी विलेज स्कीम से 84 गांवों तक पहुंचेगा शुद्ध पेयजल

धमतरी- ग्रामीण अंचलों में सुरक्षित एवं नियमित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भारत सरकार के जल जीवन मिशन के अंतर्गत धमतरी जिले के कुरूद विकासखंड में लगभग 130.40 करोड़ रुपये की लागत से सिर्री मल्टी विलेज स्कीम (एमवीएस) का निर्माण कार्य प्रगति पर है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना पूर्ण होने के बाद कुरूद ब्लॉक के 84 गांवों के 29,793 परिवारों तक घर-घर नल के माध्यम से शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल पहुंचाएगी। यह योजना केवल जलापूर्ति परियोजना नहीं, बल्कि ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता में सुधार, महिलाओं के श्रम में कमी, जलजनित बीमारियों की रोकथाम और भूजल संरक्षण की दिशा में एक दूरदर्शी पहल है। सिर्री मल्टी विलेज स्कीम से बुझेगी कुरूद के 84 गांवों की प्यास बुझेगी. योजना को सुचारू संचालन एवं समान जल वितरण के लिए चार जोन में विभाजित किया गया है. प्रकार कुल 84 गांवों के 29,793 परिवार इस योजना से प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे।
वर्षों पुराने जल संकट का स्थायी समाधान
कुरूद क्षेत्र लंबे समय से गर्मी के मौसम में पेयजल संकट से जूझता रहा है। भूजल स्तर लगातार नीचे जाने और कई हैंडपंपों के सूख जाने से ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं एवं बच्चों को दूर-दराज से पानी लाने के लिए प्रतिदिन कठिन परिश्रम करना पड़ता था। सिर्री मल्टी विलेज स्कीम इस समस्या का स्थायी समाधान प्रस्तुत करेगी और क्षेत्र के हजारों परिवारों को वर्षभर नियमित पेयजल उपलब्ध कराएगी।
सेमी-क्रिटिकल भूजल क्षेत्र के लिए दूरदर्शी पहल
कुरूद विकासखंड भूजल की दृष्टि से सेमी-क्रिटिकल जोन में शामिल है, जहां भूजल का अत्यधिक दोहन भविष्य के लिए चिंता का विषय बन चुका है। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए इस योजना में भूजल के स्थान पर नहर के सतही जल का उपयोग किया जा रहा है। इससे भूजल पर निर्भरता कम होगी, जल स्रोतों का संरक्षण होगा तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।
वैज्ञानिक एवं आधुनिक तकनीक से होगी जलापूर्ति
योजना के तहत नहर से कच्चा पानी दंडेसरा स्थित सम्पवेल तक लाया जाएगा। यहां निर्मित होने वाले आधुनिक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (डब्ल्यूटीपी) में पानी का वैज्ञानिक तरीके से शुद्धीकरण किया जाएगा। इसके बाद पानी को मास्टर बैलेंसिंग रिजर्वायर (एमबीआर) में संग्रहित कर पाइपलाइन नेटवर्क के माध्यम से गांवों और प्रत्येक घर तक पहुंचाया जाएगा।
जल संरक्षण और सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
यह परियोजना केवल पेयजल उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल है। सतही जल के उपयोग से भूजल दोहन में कमी आएगी, जिससे क्षेत्र का भूजल स्तर सुरक्षित रहेगा। भविष्य की जनसंख्या वृद्धि और जल मांग को ध्यान में रखकर योजना की क्षमता निर्धारित की गई है, ताकि आने वाले वर्षों में भी बिना अतिरिक्त निवेश के पर्याप्त जल उपलब्ध कराया जा सके।
जनभागीदारी से होगा प्रभावी संचालन
योजना के सफल एवं दीर्घकालिक संचालन के लिए ग्राम पंचायतों तथा ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियो की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। जल संरक्षण, पाइपलाइन की देखरेख, लीकेज नियंत्रण तथा नियमित रखरखाव में स्थानीय समुदाय की सहभागिता से योजना अधिक प्रभावी एवं टिकाऊ बनेगी।
ग्रामीण जीवन में आएगा व्यापक बदलाव
सिर्री मल्टी विलेज स्कीम के पूर्ण होने के बाद हजारों परिवारों को घर के निकट ही सुरक्षित पेयजल उपलब्ध होगा। इससे महिलाओं और बच्चों का समय एवं श्रम बचेगा, जलजनित रोगों में कमी आएगी, स्वच्छता एवं स्वास्थ्य स्तर में सुधार होगा तथा ग्रामीणों के जीवन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। यह योजना “हर घर नल, हर घर जल” के राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगी।
मेघा मल्टी विलेज स्कीम भी जल्द होगी शुरू
जल जीवन मिशन के अंतर्गत मगरलोड विकासखंड के लिए मेघा मल्टी विलेज स्कीम की तैयारियां भी अंतिम चरण में हैं। इस परियोजना के माध्यम से 59 गांवों को जोड़ा जाएगा तथा पारसाबुड़ा में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट एवं तीन मास्टर बैलेंसिंग रिजर्वायर स्थापित किए जाएंगे। प्रशासकीय स्वीकृति की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद इसका निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
सिर्री एवं मेघा दोनों मल्टी विलेज स्कीम के पूर्ण होने पर कुरूद एवं मगरलोड विकासखंड के अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों में सतही जल आधारित, सुरक्षित, टिकाऊ एवं आधुनिक पेयजल व्यवस्था स्थापित होगी। यह न केवल जल जीवन मिशन के उद्देश्यों को साकार करेगी, बल्कि धमतरी जिले को ग्रामीण पेयजल प्रबंधन के क्षेत्र में एक उत्कृष्ट मॉडल के रूप में भी स्थापित करेगी।