खाद-बीज की निर्बाध उपलब्धता प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता : कलेक्टर अबिनाश मिश्रा
पिछले वर्ष से 572 मीट्रिक टन अधिक खाद का वितरण, जिले में खाद-बीज का पर्याप्त भंडारण

समय-सीमा बैठक में शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं, एग्रीस्टेक, सीएम हेल्पलाइन, सेवा सेतु और निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा
धमतरी – कलेक्टर अबिनाश मिश्रा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं, सीएम हेल्पलाइन, सेवा सेतु, एग्रीस्टेक, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, निर्माण कार्यों तथा विभिन्न विभागों के लंबित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को जनहित से जुड़े मामलों का त्वरित, संवेदनशील एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध एवं प्रभावी लाभ पहुंचाना है। मानसून को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर ने व्यापक पौधारोपण अभियान चलाने पर जोर दिया। उन्होंने सभी विद्यालयों एवं शासकीय संस्थानों को आबंटित भूमि पर अधिकाधिक पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय सहभागिता निभाने के निर्देश दिए।
बैठक में खरीफ सीजन को देखते हुए खाद एवं बीज की उपलब्धता पर विशेष रूप से चर्चा की गई। कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि किसानों को समय पर गुणवत्तायुक्त खाद एवं प्रमाणित बीज उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कृषि विभाग को उर्वरक एवं बीज विक्रेताओं के नियमित निरीक्षण, भंडारण की सतत निगरानी तथा कालाबाजारी, जमाखोरी अथवा निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलने जैसी शिकायतों पर तत्काल एवं कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खरीफ सीजन के दौरान किसानों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए और आवश्यक कृषि आदान समय पर उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि पिछले खरीफ वर्ष 2025 की तुलना में इस वर्ष खाद वितरण में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2025 में जहां 23,712.79 मीट्रिक टन खाद का वितरण हुआ था, वहीं खरीफ वर्ष 2026 में अब तक 24,284.72 मीट्रिक टन खाद का वितरण किया जा चुका है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 572 मीट्रिक टन अधिक है। अधिकारियों ने बताया कि जिले में वर्तमान में खाद एवं बीज का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है तथा कहीं से भी कमी अथवा शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि कृषि विभाग लगातार मैदानी भ्रमण कर उपलब्धता की निगरानी करे तथा किसानों की समस्याओं का तत्काल निराकरण सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए गुणवत्तापूर्ण कृषि आदानों की समय पर उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है और इस दिशा में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सीएम हेल्पलाइन एवं सेवा सेतु की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि ये दोनों माध्यम शासन और आमजन के बीच विश्वास की मजबूत कड़ी हैं। इनके माध्यम से प्राप्त शिकायतों एवं आवेदनों का निराकरण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि नागरिकों की वास्तविक समस्याओं के समाधान की भावना से किया जाना चाहिए। उन्होंने विभागवार लंबित प्रकरणों की समीक्षा कर तथ्यात्मक, संतोषजनक एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही सुशासन समाधान शिविरों में प्राप्त आवेदनों का समयबद्ध निराकरण करने तथा मांग संबंधी प्रकरणों को नियमानुसार उच्च स्तर पर आवश्यक कार्यवाही हेतु शीघ्र प्रेषित करने के निर्देश भी दिए।
एग्रीस्टेक की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने विकासखंडवार प्रगति की जानकारी लेते हुए अगले दो दिनों के भीतर सभी लंबित आवेदनों का निराकरण पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित कृषि सेवाओं का लाभ समय पर किसानों तक पहुंचना चाहिए।
निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी निर्माण एजेंसियों को गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं एजेंसियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में सहकारी समितियों के संचालन, चना भुगतान, धान उठाव एवं बैंकिंग सुविधाओं की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कस्टम हायरिंग सेंटर जबर्रा एवं सिंगपुर के लिए आवश्यक प्रक्रियाएं शीघ्र पूर्ण करने, धान उठाव में तेजी लाने तथा सिंगपुर में नवीन बैंक शाखा खोलने की प्रगति की जानकारी ली। साथ ही बोरई क्षेत्र में ग्रामीण बैंक शाखा के लिए उपयुक्त स्थल का चयन करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने जिले में रेत उत्खनन पर प्रतिबंध का कड़ाई से पालन कराने तथा अवैध उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध निरंतर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण एवं राजस्व की सुरक्षा प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने अधिकारियों को आंगनबाड़ी केन्द्रों एवं स्वास्थ्य संस्थाओं का नियमित निरीक्षण करने, अकलाडोंगरी स्वास्थ्य केन्द्र का आगामी सप्ताह में निरीक्षण करने, कुरूद, नगरी एवं ट्रामा सेंटर की व्यवस्थाओं की सतत निगरानी रखने तथा सभी स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सीएचसी बेलरगांव के प्रस्ताव की भी समीक्षा की गई। शिक्षा विभाग की समीक्षा में आधार आधारित उपस्थिति प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन, पाठ्यपुस्तकों, गणवेश एवं अन्य शैक्षणिक सामग्रियों के वितरण तथा सरस्वती साइकिल योजना की प्रगति की जानकारी ली गई। कलेक्टर ने शेष विद्यार्थियों तक सभी आवश्यक सामग्री शीघ्र उपलब्ध कराने तथा निर्धारित व्यवस्था का पालन नहीं करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
मानसून को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर ने जिले में व्यापक पौधारोपण अभियान चलाने पर बल दिया। उन्होंने सभी विद्यालयों एवं शासकीय संस्थानों को उपलब्ध भूमि पर अधिकाधिक पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय सहभागिता निभाने के निर्देश दिए।बैठक में व्यावसायिक परिसर निर्माण, दुग्ध संग्रहण गतिविधियों के विस्तार तथा औषधीय खेती को बढ़ावा देने के लिए उद्यानिकी एवं मत्स्य विभाग को समन्वित रूप से कार्य करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में नव पदस्थ मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत जयंत नाहटा और कमिश्नर नगर निगम अरुण कुमार वर्मा का परिचय कराया गया ।
बैठक में कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि शासन की प्रत्येक योजना का उद्देश्य आमजन को समय पर और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी अधिकारियों को संवेदनशीलता, जवाबदेही और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हुए प्रशासनिक सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंचाना सुनिश्चित करना होगा।


