स्वतंत्रता दिवस पर छत्तीसगढ़ की पांच केंद्रीय जेलों से 101 बंदियों को मिलेगी समयपूर्व रिहाई
बिलासपुर केंद्रीय जेल से सबसे अधिक 48 बंदी होंगे रिहा,केंद्रीय जेल रायपुर से 20, दुर्ग से 16, जगदलपुर से 9 और अंबिकापुर से 8 बंदियों को किया जाएगा रिहा
रायपुर – स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर छत्तीसगढ़ सरकार राज्य की पांच केंद्रीय जेलों में निरुद्ध 101 बंदियों को समयपूर्व रिहा करेगी। इन बंदियों को 14 अगस्त को आवश्यक कानूनी एवं प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद जेल से रिहा किया जाएगा। यह निर्णय जेल अधिनियम और राज्य सरकार की समयपूर्व रिहाई नीति के तहत लिया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि प्रत्येक मामले की अलग-अलग जांच कर यह सुनिश्चित किया गया है कि संबंधित बंदी की रिहाई से कानून-व्यवस्था या सामाजिक शांति पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। सकारात्मक रिपोर्ट मिलने के बाद ही उन्हें समयपूर्व रिहाई के लिए पात्र माना गया।
राज्य की पांच केंद्रीय जेलों में सबसे अधिक 48 बंदियों की रिहाई केंद्रीय जेल बिलासपुर से होगी। इसके अलावा केंद्रीय जेल रायपुर से 20, दुर्ग से 16, जगदलपुर से 9 और अंबिकापुर से 8 बंदियों को रिहा किया जाएगा।
*अच्छे आचरण को मिलता है महत्व*
जेल विभाग का मानना है कि समयपूर्व रिहाई का उद्देश्य ऐसे बंदियों को समाज की मुख्यधारा में दोबारा शामिल होने का अवसर देना है, जिन्होंने जेल में रहते हुए अपने व्यवहार और आचरण में सकारात्मक बदलाव दिखाया है। स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्वों पर पात्र बंदियों को राहत देने की यह परंपरा लंबे समय से चली आ रही है।
रिहाई के बाद संबंधित जिला प्रशासन बंदियों के पुनर्वास और आवश्यक निगरानी की प्रक्रिया भी सुनिश्चित करेगा, ताकि वे सामान्य जीवन की ओर लौट सकें और समाज में सकारात्मक भूमिका निभा सकें।
*छग सरकार व जेल प्रशासन द्वारा कैदियो को समाज की मुख्य धारा मे लौटने का अवसर देने कई पहल की जा रही हैँ- जेल डीजी हिमांशु गुप्ता

जेल डीजी हिमांशु गुप्ता के अनुसार, रिहाई के लिए बंदियों का चयन केवल सजा की अवधि पूरी होने के आधार पर नहीं किया गया है। इसके लिए जेल में उनके अनुशासित व्यवहार, सुधार की प्रवृत्ति, अन्य बंदियों एवं जेल कर्मचारियों के प्रति आचरण तथा भविष्य में अपराध दोहराने की संभावना जैसे विभिन्न पहलुओं का गहन मूल्यांकन किया गया। साथ ही संबंधित जिलों के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (एसपी) से भी विस्तृत रिपोर्ट प्राप्त की गई। छग सरकार व जेल प्रशासन द्वारा कैदियो को समाज की मुख्य धारा मे लौटने का अवसर देने कई पहल की जा रही हैँ.जिन्होंने जेल मे रहते हुए सुधार की दिशा मे सकारात्मक व्यवहार दिखाया हैँ उनको अवसर दिया गया हैँ.