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धमतरी जनपद पंचायत: गौण खनिज एवं 16वें वित्त आयोग की राशि वितरण में भेदभाव के आरोप

विकास राशि के बंटवारे पर धमतरी जनपद में उपजा विवाद, 18 सदस्यों को फंड और 7 को रखा बाहर, कांग्रेस समर्थित सदस्यों ने सीईओ से निष्पक्ष जांच की मांग


धमतरी। जनपद पंचायत धमतरी में विकास कार्यों के लिए मिलने वाली गौण खनिज मद एवं 16वें वित्त आयोग की राशि के वितरण को लेकर राजनीतिक एवं प्रशासनिक विवाद गहरा गया है। कांग्रेस समर्थित जनपद सदस्यों ने जनपद पंचायत के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पर भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने तथा विपक्ष के निर्वाचित प्रतिनिधियों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया है। इस संबंध में जनपद सदस्य ब्रजेश जगताप, प्रकाश पवार, हर नारायण साहू, खिलेंद्र ध्रुव, योगेश मार्कण्डे, भारती साहू एवं जयंत कुमार नेताम ने जनपद पंचायत धमतरी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) को एक लिखित पत्र सौंपा। पत्र के माध्यम से उन्होंने मामले में प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग करते हुए सभी 25 क्षेत्रों के लिए समान व्यवहार और विकास राशि का न्यायसंगत वितरण सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
18 क्षेत्रों में राशि बांटी, 7 को रखा बाहर
कांग्रेस समर्थित सदस्यों का आरोप है कि विकास मद की राशि का वितरण सभी 25 जनपद क्षेत्रों में समान रूप से नहीं किया गया। उनके अनुसार, अध्यक्ष व उपाध्यक्ष ने राजनीतिक प्रभाव के चलते केवल 18 जनपद सदस्यों के क्षेत्रों में राशि का आवंटन किया, जबकि 7 सदस्यों के क्षेत्रों को पूरी तरह बाहर रख दिया। सदस्यों ने कहा कि निर्वाचित प्रत्येक सदस्य अपने क्षेत्र की जनता का प्रतिनिधित्व करता है। ऐसे में फंड आवंटन में भेदभाव लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों के अधिकारों के विपरीत है।
सर्वसम्मति और लोकतांत्रिक परंपरा के उल्लंघन का आरोप
जनपद सदस्यों ने पत्र में स्मरण कराया कि जनपद पंचायत धमतरी में अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष का निर्वाचन सर्वसम्मति से हुआ था। उस समय सभी सदस्यों ने मिलकर जनपद को एक परिवार की तरह चलाने और दलीय राजनीति से ऊपर उठकर काम करने का संकल्प लिया था। इसके अलावा, पूर्व में भी सभी निर्वाचित सदस्यों को समान रूप से विकास राशि देने की परंपरा रही है। वर्तमान व्यवस्था से इस सुसंस्कृति और स्थापित परंपरा को नुकसान पहुंच रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों के आवश्यक कार्य होंगे प्रभावित
सदस्यों ने चिंता जताते हुए कहा कि जिन 7 क्षेत्रों को राशि से वंचित रखा गया है, वहां की जनता विकास के मूलभूत लाभों से दूर हो रही है। आवंटन में विषमता के कारण संबंधित गांवों में सड़क, नाली, पेयजल और सामुदायिक सुविधाओं जैसे आवश्यक कार्य सीधे तौर पर प्रभावित होंगे।
निष्पक्ष जांच और पारदर्शिता की मांग
जनपद सदस्यों ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी से मांग की है कि गौण खनिज एवं 16वें वित्त आयोग की राशि वितरण प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही, किस आधार पर 18 क्षेत्रों को राशि दी गई और 7 क्षेत्रों को बाहर रखा गया, इसका ब्यौरा सार्वजनिक किया जाए। सदस्यों ने चेतावनी दी है कि भविष्य में इस प्रकार के भेदभाव की पुनरावृत्ति न हो और सभी क्षेत्रों को विकास कार्य कराने का समान अवसर मिले।

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