फील्ड में उतरकर कलेक्टर ने किया डिजिटल क्रॉप सर्वे का निरीक्षण
मौके पर गिरदावरी की प्रक्रिया देखी, शत-प्रतिशत और त्रुटिरहित सर्वे के दिए निर्देश

धमतरी- कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने विगत दिवस तहसील कुकरेल के ग्राम बनबगौद में फील्ड पर पहुंचकर मोबाइल एप के माध्यम से संचालित डिजिटल क्रॉप सर्वे (डीसीएस) की प्रक्रिया का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर खसरा-वार फसल एवं भूमि की जानकारी दर्ज किए जाने की प्रक्रिया को देखा और पोर्टल पर सर्वे के दौरान सामने आ रही व्यावहारिक एवं तकनीकी समस्याओं की जानकारी ली। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य पूरी गंभीरता, पारदर्शिता और निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, पटवारी और सर्वेयर से सर्वे की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देशित किया कि डीसीएस के लिए चयनित सभी खसरों की शत-प्रतिशत एवं त्रुटिरहित ऑनलाइन गिरदावरी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि खेत में दर्ज की जा रही फसल की वास्तविक स्थिति का मौके पर ही सत्यापन किया जाए तथा फसल एवं भूमि की जानकारी के साथ संबंधित फोटो भी सही ढंग से अपलोड की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सर्वे कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा गलत जानकारी की प्रविष्टि स्वीकार नहीं की जाएगी।
कलेक्टर ने पटवारी की आईडी में अनुमोदन के लिए प्राप्त प्रस्तावों का राजस्व अभिलेखों से अनिवार्य रूप से मिलान करने तथा मौके पर दर्ज फसल, रकबा और फोटो का सत्यापन करने के बाद ही समय-सीमा में अनुमोदन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल सर्वे का उद्देश्य केवल आंकड़े एकत्र करना नहीं, बल्कि खेत स्तर की वास्तविक जानकारी को विश्वसनीय डिजिटल रिकॉर्ड के रूप में विकसित करना है। इसलिए प्रत्येक प्रविष्टि में तथ्यात्मक शुद्धता और प्रमाणिकता का विशेष ध्यान रखा जाए।
तकनीकी दिक्कतों के निराकरण और सुरक्षित सर्वे पर जोर
कलेक्टर श्री मिश्रा ने डीसीएस पोर्टल में आ रही तकनीकी समस्याओं की जानकारी लेते हुए इनके निराकरण के लिए शासन स्तर पर आवश्यक पत्राचार करने के निर्देश दिए। उन्होंने वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए फील्ड में सर्वे कार्य के दौरान कर्मचारियों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने तथा मौसम एवं स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप कार्ययोजना बनाकर सर्वे संपादित करने कहा। साथ ही उन्होंने पिछले वर्ष डिजिटल क्रॉप सर्वे के दौरान सामने आई विसंगतियों का विश्लेषण कर उनकी पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने और उसके अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए।
531 ग्रामों में चल रहा डिजिटल सर्वे
जिले में किसानों की भूमि एवं फसल संबंधी जानकारी को अद्यतन, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के उद्देश्य से डिजिटल क्रॉप सर्वे के तहत ऑनलाइन गिरदावरी का कार्य तेजी से जारी है। जिले के कुल 645 ग्रामों में से 531 ग्रामों का चयन डीसीएस के लिए किया गया है। चयनित ग्रामों में 17 अगस्त से 30 सितंबर 2026 तक खसरा-वार फसल एवं भूमि का डिजिटल सर्वे किया जा रहा है।
चयनित 531 ग्रामों में कुल 5 लाख 22 हजार 808 खसरे दर्ज हैं। इनमें से अब तक 1 लाख 26 हजार 269 खसरों का सर्वे पूर्ण किया जा चुका है, जबकि 17 हजार 961 खसरों का पटवारी स्तर पर अनुमोदन किया गया है। शेष खसरों में दर्ज जानकारी का राजस्व अभिलेखों से मिलान एवं आवश्यक सत्यापन की प्रक्रिया जारी है।
फसल, रकबा और सिंचाई की जानकारी होगी डिजिटल
डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से प्रत्येक खसरे की वास्तविक स्थिति डिजिटल रूप से दर्ज की जा रही है। इसमें बोई गई फसल, फसल का रकबा, पड़त भूमि, कृषि के लिए अनुपयुक्त भूमि, सिंचाई के साधन तथा भूमिधारक से संबंधित आवश्यक जानकारी शामिल है। इससे खेत स्तर पर उपलब्ध जानकारी का व्यवस्थित एवं अद्यतन डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा।
डीसीएस से भूमि के वास्तविक उपयोग और कृषि रकबे की स्थिति का अधिक सटीक आकलन करने में मदद मिलेगी। साथ ही सिंचित एवं असिंचित क्षेत्र की वास्तविक स्थिति, फसलवार रकबा तथा भूमि संबंधी जानकारी उपलब्ध होने से प्रशासन को कृषि एवं राजस्व से जुड़ी योजनाओं की बेहतर योजना बनाने में सहायता मिलेगी।
कृषि योजना और किसानों से जुड़ी व्यवस्थाओं में मिलेगी मदद
डिजिटल रूप से उपलब्ध फसलवार आंकड़े भविष्य में कृषि उत्पादन के अनुमान, फसल योजना, समर्थन मूल्य पर संभावित खरीदी की आवश्यकता तथा किसानों से संबंधित विभिन्न शासकीय व्यवस्थाओं के लिए उपयोगी आधार प्रदान करेंगे। वहीं अद्यतन राजस्व एवं फसल रिकॉर्ड से भूमि उपयोग और फसल संबंधी जानकारी में पारदर्शिता बढ़ेगी तथा प्रशासनिक निर्णयों के लिए अधिक विश्वसनीय आंकड़े उपलब्ध होंगे।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 30 सितंबर 2026 तक चयनित 531 ग्रामों के शेष खसरों का सर्वे एवं अनुमोदन निर्धारित गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे को प्राथमिकता के साथ पूर्ण करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि तैयार होने वाला डिजिटल रिकॉर्ड वास्तविक स्थिति का सही और प्रमाणिक प्रतिबिंब हो। इससे जिले में कृषि एवं भूमि संबंधी एक मजबूत डिजिटल आधार तैयार होगा, जो भविष्य की कृषि योजना, राजस्व प्रशासन और किसान हितैषी शासकीय व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।