लगातार बारिश से जनजीवन हुआ प्रभावित, खतरे के निशान के करीब गंगरेल बांध, जल्द खुल सकते हैँ गेट

धमतरी : हफ्ते भर से रूक-रूककर हो रही बारिश का दौर अब भी जारी है। जिले के सभी क्षेत्रों में थोड़ी देर के लिए बारिश भले ही थम जाए, पर झड़ी का दौर थमा नहीं है। दो दिन से सुबह से अंचल में बारिश शुरू हुई, जो थमने का नाम नहीं लिया। रूक-रूककर पूरे दिन बारिश होती रही। देर शाम तो झमाझम बारिश हुई। लगातार बारिश से जारी है। बारिश व झड़ी को देखते हुए ज्यादातर लोग घरों में दुबके रहे। कामकाजी लोग छतरी व बरसाती के साथ घरों से बाहर निकले। पूरे दिन रूक-रूककर बारिश होती रही। कुछ लोग हल्की बारिश के बीच निकले, भी तो भींगते रहे। हालांकि बारिश हल्की होने की वजह से गलियों व सड़कों पर ज्यादा पानी नहीं भरा, लेकिन गड्ढे वाले सड़कों पर पानी भर गया।
*गंगरेल बांध में साढ़े 29 टीएमसी जलभराव*
अंचल में बारिश अच्छी हो रही है, लेकिन गंगरेल बांध के कैचमेंट क्षेत्र में बारिश कम है। चारामा व कांकेर क्षेत्र में कम बारिश के चलते गंगरेल बांध में पानी की आवक नहीं के बतौर है इसलिए अभी तक गंगरेल बांध में सिर्फ साढ़े 29 टीएमसी जलभराव है, जबकि पूरे सावन का महीना निकल गया। अब तक गंगरेल बांध लबालब नहीं हो पाया। बांध के गेटों को खोलने की नौबत नहीं आ पाया। भादो माह में यदि झमाझम कुछ दिनों तक बारिश होती है, तो बांध की प्यास बूझने के साथ गेट खुलने की संभावना है। फिलहाल बांध को लबालब होने के लिए करीब डेढ़ से दो टीएमसी पानी की जरूरत है। इसी तरह माड़मसिल्ली में पांच टीएमसी जलभराव है। दुधावा बांध में सवा आठ टीएमसी और सोंढूर बांध में पांच टीएमसी पानी भरा हुआ है। सभी बांधों में पानी की आवक नहीं के बतौर है इसलिए बांध फिलहाल लबालब नहीं है।
*धान फसल के लिए फायदेमंद है यह बारिश*
किसान बंशी साहू, अवध निषाद, परमानंद साहू ने बताया कि अर्ली वेरायटी के धान फसल लेने वाले किसानों के धान फसल तैयार हो रही है। जल्द ही बालियां निकल आएगी। इस बीच धान फसल की सिंचाई के लिए बारिश हो रही है, जो काफी फायदेमंद है। जब धान के पौधों से बालियां निकलती रहती है या निकलने के समय रहता है, तो इस तरह हल्की बारिश होने से यह फसल के लिए अच्छा रहता है।

