सिंधी समाज द्वारा धूमधाम से मनाया जाएगा तिजड़ी पर्व:पूज्य सिंधी पंचायत व सिंध शक्ति महिला संगठन के नेतृत्व में लगाई गई निशुल्क मेहंदी

इस वर्ष भी सिंधी समाज में तिजडी यानी की तीजा का त्योहार बहुत धूमधाम से मनाया जाएगा इस अवसर पर सभी लोग माता पार्वती भगवान शंकर का उपवास रखते हैं माता देवी का उपवास रखते हैं. तिजड़ी एक माता है जिसका उपवास रखते हुए अपने पति के लंबी उम्र के लिए दुआएं मांगते हैं और चांद दिखने पर ही भोजन ग्रहण करते हैं यह सिंधी समाज का एक ऐसा त्यौहार है जो लोग सुबह से उठते हैं शगुन के तौर पर 2बजे उठ के असुर अनन ग्रहण करते हैं और उसके पश्चात वह अन्य ग्रहण और खाना पीना सब बंद कर देते हैं 10- 11 बजे से लेकर 2 बजे तक वेद माता तिजड़ी माता अपने यहा स्थापित करते है उनके यहां पानी जल चढ़ाने का कार्य करते हैं और उसके पश्चात रात्रि को 6 से लेकर 7 बजे के बीच में तिजड़ी की कथा सुनाते हैं माता तिजड़ी की कथा गुरुद्वारे में या जिन्हें इस कथा की जानकारी रहती है व दरबार मे कथा सुनाते हैं सभी महिलाएं एक जगह एकत्र होती है सभी महिलाएं नये वस्त्र धारण करते है सोलहवां सिगार करके आती है और कथा को सुनती है पूजा पाठ करती है ऐसे अवसर पर तिजडी का उपवास रखने पर सिंधी समाज में यह आवश्यक है के हाथों में मेहंदी सुहागन के रूप में लगाया जाए पूज्य सिंधी पंचायत के द्वारा एवं सिंध शक्ति महिला संगठन के नेतृत्व में निशुल्क मेहंदी 29 तारीख को लगाया गया क्योंकि सभी के हाथों में मेहंदी लगाने से उसका रंग अलग से निखार आता है लगभग 200 महिलाएं लोगों ने इसमें भाग लिए और अपने हाथों में मेहंदी सजाई और 50 लोग कन्या मेहंदी लगाने की सेवा दी पूज्य सिंधी पंचायत आमापारा में मेहंदी लगाने के समय काफी भीड़ थी.गेम भी खिलाया और इनाम का भी वितरण किया गया था. इस अवसर पूज्य सिंधी पंचायत के अध्यक्ष चंदू जसवानी उपाध्यक्ष दय रामचंद्र वाधवानी अशोक वाधवानी अशोक डुमबानी नरेश शामनानी पुरुषोत्तम वाशानी अमर पिजानी महेश राम राखियानी अशोक चारवानी रोमी सावलानी बटी वाधवानी सुनिल रेवलानी महेश लच्छवानी सिंध शक्ति महिला संगठन की अध्यक्ष पार्वती वाधवानी साक्षी वाधवानी प्रिया पंजवानी रोमा राहूजा शारदा चावला जया चावला रिया सुनेटा प्रीती पिजानी दिशा कामरानी सिमरन वाधवानी मुस्कान वाधवानी संगीता वाधवानी श्वेता ननकानी मोना वाधवानी दीपा जसवानी सरला डोडवानी किरण ग्वालानी तान्या चावला पलक सुदरानी अन्या आसवानी कुमकुम रेवलानी आदि मौजूद रहे.
