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महावर वैश्य महिला समाज ने मनाया शिक्षक दिवस

महावर वैश्य महिला समाज धमतरी ने अपना शिक्षक दिवस श्रीमती शारदा महावर के निवास स्थान में गरिमामय आयोजन उमंग , उल्लास के साथ मनाया इस अवसर पर समाज की महिलाओं ने देश के द्वितीय राष्ट्रपति सर्वपल्ली डॉक्टर राधाकृष्णन के आदर्श एवं सामाजिक योगदान का स्मरण करते हुए उनके चरणों में शत-शत नमन किया। प्रारंभ विघ्नहर्ता गणेश जी एवं मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन से हुआ । श्लोक श्रीमती शैल बाला महावर सचिव महावर समाज एवं भजन श्रीमती बीना महावर ने प्रस्तुत किया । समाज की प्रार्थना की गई व विश्व शांति के लिए मौन भी रखा गया ।इस अवसर पर नगर की वरिष्ठ समाज सेविका कवियत्री व 27 वर्षों से अध्यापकीय जीवन जीने वाली श्रीमती कामिनी कौशिक व समाज की श्रीमती शैल बाला महावर , शिल्पी महावर और श्रीमती मंजू महावर का माता प्रथम गुरु के रूप में मोती की माला ,श्रीफल, मोमेंटो, डायरी पेन उपहार देकर सम्मानित किया। मुख्य अतिथि श्रीमती कामिनी कौशिक के जीवन परिचय का पठन श्रीमती दिशा महावर ने बहुत ही आकर्षक ढंग से किया इस अवसर पर उन्नति महावर ने माँ के समान शिक्षिका श्रीमती कौशिक के साथ परस्पर अपने विद्यार्थी जीवन के कुछ मजेदार प्रसंगों का उल्लेख बेहतरीन अंदाज में किया । कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती कामिनी कौशिक का सम्मान शारदा महावर एवं रिया महावर ने शैल बाला महावर का सम्मान गुलाब देवी ने शिल्पी महावर का सम्मान तारा देवी महावर ने तथा वरिष्ठ सदस्य मंजू महावर का सम्मान उर्मिला महावर में किया इस अवसर पर “शिक्षक क्या है” ?एक स्कीट प्रस्तुत की गई जिसमें अनु, आरती, रिया, कीर्ति ,क्षमा, सुरभि ,सुप्रिया और उन्नति महावर ने बहुत सुंदर अभिनय और डायलॉग के साथ प्रस्तुति दी। इसी क्रम में एक नृत्य नाटिका की प्रस्तुति उन्नति, अनु, सुप्रिया ने बहुत ही खूबसूरत ढंग से प्रस्तुत किया ।कार्यक्रम में श्रीमती मंजू महावर एवं सीताराम जी महावर के 51 वीं वैवाहिक वर्षगांठ के अवसर पर समाज को ₹1100 की राशि भेंट की। समाज की ओर से उनके सुखद उज्जवल वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं प्रेषित की गई इस अवसर पर सभी शिक्षकों ने शिक्षक दिवस की महत्व के साथ-साथ अपने शिक्षकीय जीवन के अनुभवों को बहुत सुंदर ढंग से बताए। समाज के अन्य सदस्य बहनों ने भी अपने-अपने विचार इस अवसर पर व्यक्त किया। समाज के अध्यक्ष सुनीता महेश महावर ने कहा गुरु कुम्हार है, शिष्य कुंभ है , गढ़ गढ़ काटे खोट। कार्यक्रम का सफल संचालन मंजू महावर ने तथा आभार शैल बाला किया कार्यक्रम को सफल बनाने में अध्यक्ष सुनीता महेश महावर,शारदा महावर ,गुलाब देवी, तारा देवी, मंजू महावर उर्मिला महावर, तारामणि,उमा महावर, दिशा महावर, उन्नति, बीना, सविता, स्वीटी, शिल्पी, भारती ,सुरभि ,कीर्ति ,अंजना, सुप्रिया, पूनम,रिया, अनु ने अपनी सक्रिय सहभागिता निभाई।

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