कांग्रेस पार्षदों ने लगाए पुराने रिक्शाओं पर रंग-रोगन कर दोबारा सप्लाई का आरोप

नगर निगम धमतरी द्वारा पिछले वर्ष 80 नग कचरा रिक्शा खरीदे गए थे। इन रिक्शाओं की गुणवत्ता को लेकर कांग्रेस पार्षद दल ने उस समय ही सवाल उठाते हुए गुणवत्ताहीन कचरा रिक्शाओं की सप्लाई का विरोध किया था।
कांग्रेस पार्षद दल के विरोध के बाद जब रिक्शा निर्धारित मापदंडों के अनुरूप नहीं पाए गए, तो नगर निगम द्वारा ठेकेदार को मापदंड के अनुरूप रिक्शा उपलब्ध कराने तथा पुराने रिक्शाओं को वापस ले जाने की कार्रवाई की गई।इसी क्रम में नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष दीपक सोनकर ,उपनेता प्रतिपक्ष सत्येंद्र देवांगन व गजानंद रजक ने पुनः नगर निगम में ठेकेदार द्वारा सप्लाई किए गए रिक्शाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान गंभीर स्थिति सामने आई कि पुराने रिक्शाओं में केवल रंग-रोगन कर उन्हें दोबारा नगर निगम में सप्लाई किए जाने की बात सामने आ रही है।सवाल यह है कि जब पुराने रिक्शाओं को निर्धारित मापदंडों के अनुरूप नहीं होने के कारण वापस भेजा गया था, तो वही रिक्शा रंग-रोगन बदलने के बाद दोबारा निगम में कैसे पहुंच गए?यह पूरा मामला नगर निगम की कार्यप्रणाली और गुणवत्ता जांच पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यदि पुराने रिक्शाओं को ही रंग-रोगन कर दोबारा सप्लाई किया गया है, तो यह महज लापरवाही नहीं, बल्कि जनता के पैसों के साथ खिलवाड़ का गंभीर मामला है।कांग्रेस पार्षद दल मांग करता है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, पुराने और नए रिक्शाओं का भौतिक सत्यापन कराया जाए तथा दोषी पाए जाने वाले ठेकेदार एवं जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।नगर निगम में नेताओं और अधिकारियों की मिलीभगत की खुली परिभाषा जिस तरह देखने को मिल रही है, वह शहर की जनता के लिए चिंता का विषय है।


