पर्युषण महापर्व आत्मशुद्धि, संयम और क्षमाभाव का संदेश देता है: विजय गोलछा

धमतरी। जैन श्वेताम्बर मूर्ति पूजक संघ के अध्यक्ष विजय गोलछा ने जैन धर्म के पवित्र पर्युषण महापर्व के अवसर पर समाजजनों सहित समस्त जिलेवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। उन्होंने कहा कि पर्युषण केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, आत्मशुद्धि, तप, त्याग, संयम और क्षमा का महान पर्व है, जो व्यक्ति को अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की प्रेरणा देता है। विजय गोलछा ने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि पर्युषण के दौरान धर्म आराधना, स्वाध्याय, उपवास, तपस्या और प्रार्थना के माध्यम से आत्मा की शुद्धि का प्रयास किया जाता है। यह पर्व हमें अहिंसा, सत्य, करुणा और सद्भाव जैसे मानवीय मूल्यों को अपनाने की सीख देता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज में आपसी प्रेम, भाईचारा और सहिष्णुता को मजबूत करने के लिए पर्युषण का संदेश और भी अधिक प्रासंगिक है। क्षमाभाव को अपनाकर एक-दूसरे के प्रति कटुता को समाप्त करना ही पर्युषण की वास्तविक भावना है। उन्होंने कामना की कि यह पावन पर्व सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति लेकर आए तथा पूरे जिले में सद्भाव और मंगलमय वातावरण बना रहे।

