Uncategorized

बहिराणा साहिब की महिमा से गूंजा झूलेलाल ग्राउंड, संत शंकरलाल ठाकुर साहिब ने सुनाई कथा

भगवान झूलेलाल की उपासना में जल के प्रति श्रद्धा और संरक्षण का संदेश भी निहित है - संत शंकरलाल ठाकुर


धमतरी। कोष्टापारा स्थित श्री झूलेलाल मंदिर में 9 अगस्त से चल रहे 40 दिवसीय चालीसा महोत्सव के अंतर्गत मंगलवार को 38वें दिन महोत्सव का अंतिम मंगलवार श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। इस अवसर पर नागपुर से पधारे पूजनीय संत शंकरलाल ठाकुर साहिब का धमतरी आगमन हुआ। शाम 6 बजे संत का ढोल-नगाड़ों के साथ श्रद्धालुओं एवं समाजजनों ने भव्य स्वागत किया। इसके बाद संत शंकरलाल ठाकुर साहिब ने श्री झूलेलाल मंदिर में इष्टदेव भगवान झूलेलाल की ज्योत प्रज्वलित की। साथ ही बहिराणा साहिब की ज्योत विधिवत प्रज्वलित कर बहिराणा साहिब को सिर पर धारण किया गया। संत के साथ श्रद्धालु बहिराणा साहिब लेकर शोभायात्रा के रूप में झूलेलाल ग्राउंड पहुंचे, जहां विशाल सत्संग का आयोजन किया गया।सत्संग एवं कथा के समापन के बाद श्रद्धालुओं के साथ-साथ सर्व समाज के लिए लंगर प्रसादी का आयोजन किया गया।
संत ने सुनाई बहिराणा साहिब की कथा
सत्संग के दौरान संत शंकरलाल ठाकुर साहिब ने भगवान झूलेलाल के जन्म एवं उनके अवतार लेने के उद्देश्य के साथ-साथ बहिराणा साहिब की महिमा और उससे जुड़ी कथा श्रद्धालुओं को विस्तार से सुनाई। बहिराणा साहिब की धार्मिक परंपरा एवं महत्व के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बहिराणा साहिब की परंपरा सिंधी समाज की आस्था के साथ-साथ जल, प्रकृति और जीवों के प्रति सेवा एवं सम्मान की भावना से भी जुड़ी है। उन्होंने भगवान झूलेलाल को जल और ज्योत का देवता बताते हुए कहा कि जल जीवन का आधार है और भगवान झूलेलाल की उपासना में जल के प्रति श्रद्धा और संरक्षण का संदेश भी निहित है।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!