आपका काम ही आपकी पहचान, ऐसा काम करें जिसे आने वाली पीढ़ियां याद रखें: कलेक्टर अबिनाश मिश्रा
सेवा संकल्प अभियान के तहत गंगरेल बांध रेस्ट हाउस में गरिमामयी रूप से मनाया गया अभियंता दिवस

मैदानी निरीक्षण, गुणवत्ता, आधुनिक तकनीक और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति को बनाया जाए कार्यशैली का हिस्सा
.धमतरी- सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आज अभियंता दिवस के अवसर पर गंगरेल बांध रेस्ट हाउस में गरिमामयी समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कलेक्टर अबिनाश मिश्रा एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जयंत नाहटा विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर विभिन्न निर्माण एवं तकनीकी विभागों के अभियंताओं ने भारत रत्न एवं महान अभियंता डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया के योगदान और उनकी दूरदृष्टि को स्मरण करते हुए निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, नवाचार, तकनीकी दक्षता एवं जनोपयोगिता को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने का संकल्प लिया।
समारोह को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने कहा कि आपका काम ही आपकी पहचान है। उन्होंने कहा कि डॉ. विश्वेश्वरैया के कार्य आज भी उनकी दूरदृष्टि, तकनीकी क्षमता और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण की पहचान हैं। उन्होंने अभियंताओं का आह्वान करते हुए कहा कि अपने कार्य में उत्कृष्टता की ऐसी सोच विकसित करें, जिससे उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बन सके।
कलेक्टर ने कहा कि किसी भी निर्माण कार्य की वास्तविक गुणवत्ता केवल उसके पूर्ण होने से नहीं, बल्कि उसके लंबे समय तक उपयोगी और सुरक्षित बने रहने से निर्धारित होती है। उन्होंने अभियंताओं को नियमित रूप से मैदानी निरीक्षण करने, निर्माण कार्यों की बारीकियों को समझने और गुणवत्ता की सतत निगरानी करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि कार्यालयीन कार्यों के साथ मैदानी अनुभव भी अभियंताओं की कार्यकुशलता को मजबूत करता है।
उन्होंने गंगरेल बांध के निर्माण में अपनाई गई इंजीनियरिंग प्रक्रिया और तकनीकी दृष्टिकोण से जुड़े अनुभव साझा करते हुए कहा कि देश-दुनिया में निर्माण एवं इंजीनियरिंग के क्षेत्र में निरंतर नए नवाचार हो रहे हैं। ऐसे में अभियंताओं को आधुनिक तकनीकों, नवीन निर्माण प्रक्रियाओं और बदलते तकनीकी मानकों से स्वयं को निरंतर अपडेट रखना चाहिए। उन्होंने युवा अभियंताओं को वरिष्ठ अधिकारियों एवं अनुभवी अभियंताओं से सीखने तथा अपने अनुभवों को कार्य में उपयोग करने की सलाह दी।
कलेक्टर ने आगामी रोड एवं भवन संबंधी कार्यशाला में अभियंताओं को सक्रिय रूप से भाग लेने की सलाह देते हुए कहा कि प्रशिक्षण और नई तकनीकों की जानकारी कार्य की गुणवत्ता एवं दक्षता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि सीखने की प्रवृत्ति और स्वयं को समय के अनुरूप विकसित करते रहना एक अच्छे अभियंता की पहचान है। उन्होंने अभियंताओं से ऐसे कार्य करने का आह्वान किया, जो जनहित में उपयोगी होने के साथ-साथ स्वयं को भी कार्य-संतोष प्रदान करें।
गुणवत्ता और दीर्घकालीन उपयोगिता को बनाया जाए प्राथमिकता
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जयंत नाहटा ने कहा कि इंजीनियरिंग का क्षेत्र चुनौतीपूर्ण होने के साथ-साथ अत्यंत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी वाला क्षेत्र है। विकसित भारत के निर्माण में अभियंताओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। अभियंताओं द्वारा निर्मित सड़क, भवन, पुल, जल संरचनाएं और अन्य अधोसंरचनाएं वर्षों तक आम नागरिकों के उपयोग में आती हैं। इसलिए प्रत्येक निर्माण कार्य में गुणवत्ता, सुरक्षा, टिकाऊपन और दीर्घकालीन उपयोगिता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अभियंता अपने तकनीकी ज्ञान और कार्यकुशलता के माध्यम से जनहित तथा राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
अधीक्षण अभियंता बांध के.के. मित्तल ने युवा अभियंताओं को मेहनत, लगन और तकनीकी दक्षता के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि अभियंताओं द्वारा किए गए कार्यों की गुणवत्ता का प्रत्यक्ष प्रभाव आम जनता के जीवन और सुविधाओं पर पड़ता है। इसलिए प्रत्येक कार्य को जिम्मेदारी और समर्पण के साथ पूर्ण करना आवश्यक है।
लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री चहल ने कहा कि अभियंता दिवस महान अभियंता डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया के योगदान को स्मरण करने और अभियंताओं को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने का अवसर है। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य केवल ईंट, सीमेंट और लोहे से तैयार होने वाली संरचना नहीं है, बल्कि यह नागरिकों की आवश्यकताओं, अपेक्षाओं और भविष्य की जरूरतों से जुड़ा हुआ कार्य है। इसलिए निर्माण में गुणवत्ता के साथ भविष्य की आवश्यकताओं को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले अभियंता सम्मानित
समारोह के दौरान विभिन्न विभागों में उत्कृष्ट कार्य एवं उल्लेखनीय योगदान देने वाले अभियंताओं को अधिकारियों द्वारा प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अभियंताओं ने अपने अनुभव भी साझा किए तथा तकनीकी कार्यों में नवाचार, गुणवत्ता और पारदर्शिता को और मजबूत करने पर विचार-विमर्श किया।
कार्यक्रम के अंत में जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता हेमलाल कुरेशिया ने आभार व्यक्त किया। समारोह में नगर निगम आयुक्त अरुण वर्मा, कार्यपालन अभियंता बी.के. नागेंद्र, श्री चंद्राकर, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के कार्यपालन अभियंता श्री राठौर, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की कार्यपालन अभियंता श्रीमती आशा लता गुप्ता, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यपालन अभियंता श्री नुरेटी, एसडीएम पीयूष तिवारी, एसडीओ श्री पैकरा सहित विद्युत, हाउसिंग बोर्ड, पुल एवं अन्य निर्माण विभागों के अधिकारी एवं अभियंता उपस्थित रहे।