मुचकुंद ऋषि पर्वत पर पर्यटन समिति मेचका ने चलाया स्वच्छता अभियान
सेवा संकल्प अभियान : 25 वर्ष सेवा में स्वच्छता से प्रकृति सेवा

एक माह में 5,500 से अधिक पर्यटकों ने मेचका की खूबसूरती देखी
धमतरी- सेवा संकल्प अभियान के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जिले में सेवा, संस्कार, जनभागीदारी और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को केंद्र में रखकर विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। एक ओर जिलेभर में ‘आशीर्वाद का दीया’ प्रज्ज्वलित कर सुख, समृद्धि और लोककल्याण की मंगलकामना की जा रही है, वहीं दूसरी ओर सेवा के इसी व्यापक भाव को प्रकृति एवं पर्यटन स्थलों की स्वच्छता से जोड़ते हुए पर्यटन समिति मेचका द्वारा मुचकुंद ऋषि पर्वत पर स्वच्छता अभियान चलाया गया।
मुचकुंद ऋषि पर्वत प्राकृतिक सौंदर्य, धार्मिक आस्था और स्थानीय पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थल है। पर्यटन समिति मेचका के सदस्यों एवं स्थानीय नागरिकों ने सामूहिक रूप से स्वच्छता अभियान में सहभागिता निभाई। अभियान के दौरान पर्वत एवं आसपास के पर्यटन क्षेत्र में बिखरे कचरे को एकत्रित कर निर्धारित स्थान पर पहुंचाया गया। साथ ही पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता बनाए रखने, कचरा इधर-उधर नहीं फेंकने तथा प्राकृतिक परिवेश को स्वच्छ एवं सुरक्षित रखने के लिए प्रेरित किया गया।
मेचका में बढ़ रहा पर्यटकों का आकर्षण
मेचका क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को मिल रहे सकारात्मक प्रतिसाद से यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या में भी उत्साहजनक वृद्धि देखी जा रही है। पर्यटन समिति मेचका से प्राप्त जानकारी के अनुसार (14अगस्त से 14 सितंबर 2026 ) तक एक माह की अवधि में कुल 5,555 पर्यटकों ने मेचका क्षेत्र का भ्रमण किया। पर्यटकों की सुविधा के लिए संचालित नाका पार्किंग व्यवस्था से अब तक 19,300 रुपये की कुल आवक दर्ज की गई है। पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही क्षेत्र के प्राकृतिक एवं धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं को रेखांकित करती है। ऐसे में पर्यटन स्थलों की स्वच्छता, सुव्यवस्था और प्राकृतिक स्वरूप को बनाए रखना और भी महत्वपूर्ण हो जाता है।
इस अवसर पर यह संदेश दिया गया कि सेवा केवल किसी व्यक्ति की सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने गांव, समाज, पर्यावरण और सांस्कृतिक विरासत के प्रति जिम्मेदारी निभाना भी सेवा का ही स्वरूप है। स्वच्छ पर्यटन स्थल न केवल क्षेत्र की सुंदरता बढ़ाते हैं, बल्कि पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने के साथ स्थानीय पर्यटन गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को भी प्रोत्साहित करते हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा स्वच्छता को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए लगातार देशवासियों का आह्वान किया जाता रहा है। ‘स्वच्छ भारत’ के संदेश के अनुरूप स्वच्छता को केवल अभियान नहीं, बल्कि दैनिक जीवन की आदत और सामूहिक जिम्मेदारी बनाने पर जोर दिया गया है। इसी भावना को स्थानीय स्तर पर आगे बढ़ाते हुए मेचका में आयोजित यह स्वच्छता अभियान जनभागीदारी और पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी उदाहरण बना।
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित गतिविधियां जिले में सेवा भावना को जन-जन से जोड़ने के साथ सामाजिक सहभागिता को भी नई दिशा दे रही हैं। ‘आशीर्वाद का दीया’ जहां सकारात्मकता, आस्था और मंगलकामना का प्रतीक बन रहा है, वहीं मुचकुंद ऋषि पर्वत पर स्वच्छता अभियान यह संदेश दे रहा है कि जिस प्रकृति और विरासत से हमें पहचान मिलती है, उसकी स्वच्छता और संरक्षण भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।

