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मासिक धर्म पर झिझक नहीं, जागरूकता और आत्मसम्मान की बात

सेवा संकल्प अभियान के तहत 30 हजार बालिकाओं और महिलाओं तक पहुंचेगा स्वास्थ्य एवं स्वच्छता का संदेश

धमतरी, 30 सितंबर 2026/ सेवा संकल्प अभियंता अंतर्गत मासिक धर्म एक प्राकृतिक शारीरिक प्रक्रिया है, लेकिन इससे जुड़ी झिझक, संकोच और कई तरह की भ्रांतियां आज भी बालिकाओं और महिलाओं के स्वास्थ्य एवं आत्मविश्वास को प्रभावित करती हैं। इसी सोच को बदलने और मासिक धर्म स्वास्थ्य को लेकर खुलकर संवाद की संस्कृति विकसित करने की दिशा में सेवा संकल्प अभियान के तहत धमतरी जिले में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है।
छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ एवं बीएएएलए एनजीओ के मध्य एमओयू किया गया है। इस संयुक्त पहल के माध्यम से जिले की लगभग 30 हजार बालिकाओं एवं महिलाओं को मासिक धर्म स्वास्थ्य, व्यक्तिगत स्वच्छता, किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक एवं भावनात्मक परिवर्तनों तथा स्वास्थ्य संबंधी जरूरी सावधानियों के बारे में जागरूक किया जाएगा।

15 हजार छात्राओं तक पहुंचेगा जागरूकता का संदेश

अभियान के अंतर्गत कक्षा 9वीं से 12वीं तक की 15 हजार छात्राओं को स्कूलों, छात्रावासों एवं कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों में प्रशिक्षण एवं जागरूकता सत्रों के माध्यम से जानकारी दी जाएगी। बालिकाओं को मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता, संतुलित आहार, व्यक्तिगत देखभाल तथा स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को पहचानने और आवश्यकता पड़ने पर उचित सलाह लेने के संबंध में जानकारी दी जाएगी।

इसी तरह समुदाय स्तर पर 15 हजार महिलाओं तक भी मासिक धर्म स्वास्थ्य एवं स्वच्छता का संदेश पहुंचाया जाएगा। अभियान के दौरान कुल 30 हजार रियूजेबल पैड का निःशुल्क वितरण किया जाएगा।

स्वच्छता के साथ आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण

रियूजेबल पैड का वितरण केवल स्वच्छता सुविधा उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को किफायती, टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल विकल्प उपलब्ध कराने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। इसके उपयोग, स्वच्छता और सुरक्षित देखभाल के संबंध में भी प्रतिभागियों को आवश्यक जानकारी दी जाएगी।

बातचीत से टूटेगी झिझक, सही जानकारी से बढ़ेगा आत्मविश्वास

इस पहल का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहां बालिकाएं और महिलाएं मासिक धर्म से जुड़े सवालों और स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं पर बिना संकोच बात कर सकें। सही जानकारी के माध्यम से किशोरियों में आत्मविश्वास बढ़ाने और स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदार व्यवहार विकसित करने पर विशेष जोर रहेगा।

कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत, विकासखंड परियोजना प्रबंधक एनआरएलएम तथा संकुल स्तरीय संगठनों द्वारा समन्वय कर आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। अभियान का शुभारंभ अक्टूबर माह के द्वितीय सप्ताह में किया जाएगा।

“स्वास्थ्य, स्वच्छता और आत्मसम्मान—तीनों जरूरी”

सीईओ जिला पंचायत श्री जयंत नाहटा ने कहा, “बालिकाओं और महिलाओं का स्वास्थ्य, स्वच्छता और आत्मसम्मान सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है। मासिक धर्म एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए इससे जुड़े विषयों पर संकोच के बजाय सही जानकारी और सहज संवाद जरूरी है। इस पहल के माध्यम से हमारा प्रयास है कि बालिकाओं और महिलाओं को अपने स्वास्थ्य की बेहतर समझ मिले, वे भ्रांतियों से मुक्त होकर जागरूक निर्णय ले सकें और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें। रियूजेबल पैड का वितरण स्वच्छता के साथ किफायती एवं पर्यावरण अनुकूल विकल्प उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।”
जिला पंचायत धमतरी एवं बिहान मिशन की यह पहल स्वास्थ्य, स्वच्छता और सम्मान को केंद्र में रखते हुए एक ऐसे सकारात्मक सामाजिक बदलाव की ओर कदम है, जहां मासिक धर्म को लेकर चुप्पी और झिझक की जगह सही जानकारी, सहज संवाद और आत्मविश्वास ले।
// पाराशर//

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